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Una News: गेहूं की फसल की सिंचाई में जुटे किसान, गैर सिंचित क्षेत्रों में बढ़ी मुश्किलें

Thu, 12 Dec 2024 10:29 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 10:29 AM IST
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Farmers engaged in irrigation of wheat crop, difficulties increased in non-irrigated areas
जिले में बड़े स्तर पर बीजी गई है गेहूं और हरी सब्जियों की फसल
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गैर सिंचित इलाकों में फसल बर्बादी के कगार पर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बादल बरसे ढाई माह का समय बीत गया है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गेहूं की फसल की बिजाई होने के बाद एक बार भी बारिश नहीं हुई है। सिंचित इलाकों में किसानों ने बारिश का इंतजार करने के बाद मजबूरी में सिंचाई शुरू कर दी है। जबकि, बारिश पर निर्भर इलाकों में अभी भी किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की बिजाई होती है। इसमें 65 प्रतिशत से अधिक खेती बारिश पर निर्भर इलाकों में होती है। ऐसे में बीते माह से बारिश नहीं होना गेहूं की फसल के लिहाज से बेहद चिंताजनक है। जिन इलाकों में सिंचाई की सुविधा है, वहां भी किसानों ने बारिश का कई दिन इंतजार किया। अब फसल बर्बाद होती देख किसानों ने सिंचाई करना शुरू कर दी है। कई इलाकों में किसानों ने गोभी, मटर, टमाटर सहित अन्य फसलों की खेती भी की हुई है। उन किसानों ने भी फसल बचाने के लिए सिंचाई करना शुरू कर दिया है।
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किसानों को अपने लिए फसल बचाना चुनौती
किसान रामनाथ, अमरपाल, सुखविंद्र सिंह, अजमेर सिंह ने बताया कि जिन इलाकों में सिंचाई सुविधा नहीं हैं, वहां फसल बेहद खराब हालत में है। बारिश के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। किसानों ने कहा कि एक हफ्ते तक बारिश न हुई तो 50 प्रतिशत से अधिक फसल प्रभावित हो जाएगी। इससे पैदावार गिरना तय है। किसानों के लिए खुद के खाने लायक फसल बचाना भी चुनौती बन चुका है।
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कोट्स
मौसम की परिस्थितियों का असर गेहूं की फसल पर हुआ है। बीते वर्ष बिजाई के आसपास बारिश होने से फसल अच्छी रही थी। इस बार बिजाई के बाद गेहूं की सिंचाई नहीं हुई। ऊना में ज्यादा गेहूं गैर सिंचित इलाकों में पैदा होती है। ऐसे में किसानों की फसल के लिए बारिश बेहद जरूरी है।
डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।
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