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किसानों को इस बार नहीं मिला निशुल्क गेहूं बीज और खाद
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बंगाणा (ऊना)। प्रदेश के किसान गेहूं की बिजाई की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन बंगाणा क्षेत्र में किसानों को सरकार की तरफ से निशुल्क मिलने वाला गेहूं का बीज व खाद का वितरण अभी तक नहीं हो पाया है। नमसा योजना के तहत कृषि एवं बागवानी विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 10 कनाल भूमि के लिए 40 किलो गेहूं का बीज और 25 किलो खाद निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है।
किसान कृषि विभाग के क्षेत्रीय दफ्तर के चक्कर काटकर बैरंग लौट रहे हैं। क्षेत्र के किसान महंगे बीज खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। कृषि विभाग के मुताबिक इस वर्ष किसानों को गेहूं का बीज व खाद उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बजट का प्रावधान ही नहीं किया गया है। इस वजह से गेहूं और खाद का वितरण नहीं हो पाया है।
इस बार विभाग द्वारा 40 किलो गेहूं के बीज के लिए किसानों से 740 रुपये और 12-32-16 खाद के लिए 1300 रुपये वसूले जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि पिछले वर्ष गेहूं व उर्वरक पर दी जाने वाली सब्सिडी में सरकार द्वारा 15 फीसदी कटौती कर दी गई थी। किसान बीरबल, सतीश, कैप्टन रोशन लाल, हरि ओम, शकुंतला देवी, बिहारी लाल, ओम प्रकाश, अजय शर्मा, मनोज कुमार, संजना आदि का आरोप है कि प्रदेश व केंद्र सरकार चुनावों के दौरान गरीबों व किसानों का हितैषी होने का ढोल पीटती है, लेकिन वास्तव में हालात इससे विपरीत हैं।
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सब्सिडी और निशुल्क बीज उपलब्ध करवाने की व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है। किसानों के लिए चलाई जाने वाली योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह जाएंगी।
बंगाणा के कृषि एवं बागवानी अधिकारी सतपाल धीमान ने बताया कि इस बार प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उर्वरक व गेहूं का बीज उपलब्ध करवाने के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। इसलिए तय दाम पर ही किसानों को बीज और खाद उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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किसान कृषि विभाग के क्षेत्रीय दफ्तर के चक्कर काटकर बैरंग लौट रहे हैं। क्षेत्र के किसान महंगे बीज खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। कृषि विभाग के मुताबिक इस वर्ष किसानों को गेहूं का बीज व खाद उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बजट का प्रावधान ही नहीं किया गया है। इस वजह से गेहूं और खाद का वितरण नहीं हो पाया है।
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इस बार विभाग द्वारा 40 किलो गेहूं के बीज के लिए किसानों से 740 रुपये और 12-32-16 खाद के लिए 1300 रुपये वसूले जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि पिछले वर्ष गेहूं व उर्वरक पर दी जाने वाली सब्सिडी में सरकार द्वारा 15 फीसदी कटौती कर दी गई थी। किसान बीरबल, सतीश, कैप्टन रोशन लाल, हरि ओम, शकुंतला देवी, बिहारी लाल, ओम प्रकाश, अजय शर्मा, मनोज कुमार, संजना आदि का आरोप है कि प्रदेश व केंद्र सरकार चुनावों के दौरान गरीबों व किसानों का हितैषी होने का ढोल पीटती है, लेकिन वास्तव में हालात इससे विपरीत हैं।
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सब्सिडी और निशुल्क बीज उपलब्ध करवाने की व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है। किसानों के लिए चलाई जाने वाली योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह जाएंगी।
बंगाणा के कृषि एवं बागवानी अधिकारी सतपाल धीमान ने बताया कि इस बार प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उर्वरक व गेहूं का बीज उपलब्ध करवाने के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। इसलिए तय दाम पर ही किसानों को बीज और खाद उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।