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Una News: हादसे में युवक की मौत मामले में परिजनों ने हत्या की आशंका जताई
Wed, 11 Mar 2026 12:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 11 Mar 2026 12:39 AM IST
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गगरेट (ऊना)। क्षेत्र के गांव मवा सिंधिया में बीते वर्ष अक्तूबर माह में 34 वर्षीय युवक की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों ने इसे साधारण हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। इस संबंध में मृतक के पिता ने मंगलवार को डीएसपी अंब को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की गहन व निष्पक्ष जांच की मांग की।
मृतक की पहचान धीरज ठाकुर निवासी मवा सिंधिया के रूप में हुई है, जो टटेहाड़ा में रेडीमेड कपड़ों की दुकान करता था। मृतक के पिता ओम प्रकाश ने डीएसपी को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा रोजाना की तरह दुकान बंद कर रात करीब साढ़े नौ बजे घर लौटता था। 18 अक्तूबर की रात भी वह बाइक पर घर के लिए निकला लेकिन काफी देर तक घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने जब उसे फोन किया तो फोन किसी ने नहीं उठाया। बाद में उन्हें पता चला कि घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक कुछ लोग उसे उठाकर सिविल अस्पताल गगरेट ले जा चुके थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई, जिस पर परिजन उसे उपचार के लिए होशियारपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। परिजनों के अनुसार धीरज के सिर पर गहरा घाव और शरीर पर कुछ खरोंचें थीं। अस्पताल में जब उसे थोड़ा होश आया तो उसने इशारे से ‘दो’ बताया। बाद में जब डॉक्टरों ने वेंटिलेटर हटाया तो उसने अपनी पत्नी को भी इशारे से यही बात बताई। इसके कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।
ओम प्रकाश के अनुसार उन्हें घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पता चला कि हादसे के समय वहां दो बाहरी लोग भी थे, जो बाद में वहां से चले गए। उन्होंने यह भी बताया कि बाइक पर कोई विशेष खरोंच नहीं थी और दुर्घटना के बाद बाइक धीरज की टांग पर पड़ी हुई थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें बेटे की मौत के पीछे साजिश होने का संदेह है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
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डीएसपी अनिल पटियाल ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जाएगी।
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मृतक की पहचान धीरज ठाकुर निवासी मवा सिंधिया के रूप में हुई है, जो टटेहाड़ा में रेडीमेड कपड़ों की दुकान करता था। मृतक के पिता ओम प्रकाश ने डीएसपी को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा रोजाना की तरह दुकान बंद कर रात करीब साढ़े नौ बजे घर लौटता था। 18 अक्तूबर की रात भी वह बाइक पर घर के लिए निकला लेकिन काफी देर तक घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने जब उसे फोन किया तो फोन किसी ने नहीं उठाया। बाद में उन्हें पता चला कि घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक कुछ लोग उसे उठाकर सिविल अस्पताल गगरेट ले जा चुके थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई, जिस पर परिजन उसे उपचार के लिए होशियारपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। परिजनों के अनुसार धीरज के सिर पर गहरा घाव और शरीर पर कुछ खरोंचें थीं। अस्पताल में जब उसे थोड़ा होश आया तो उसने इशारे से ‘दो’ बताया। बाद में जब डॉक्टरों ने वेंटिलेटर हटाया तो उसने अपनी पत्नी को भी इशारे से यही बात बताई। इसके कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।
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ओम प्रकाश के अनुसार उन्हें घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पता चला कि हादसे के समय वहां दो बाहरी लोग भी थे, जो बाद में वहां से चले गए। उन्होंने यह भी बताया कि बाइक पर कोई विशेष खरोंच नहीं थी और दुर्घटना के बाद बाइक धीरज की टांग पर पड़ी हुई थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें बेटे की मौत के पीछे साजिश होने का संदेह है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
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डीएसपी अनिल पटियाल ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जाएगी।