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शिवबाड़ी मेले में आस्था हारी बाजारदारी भारी : चमेल सिंह
Tue, 29 Apr 2025 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:43 AM IST
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पूर्व प्रधान ठाकुर चमेल सिंह ने गगरेट में पत्रकार वार्ता के दौरान। स्वयं
घनारी (ऊना)। ग्राम पंचायत अंबोटा के पूर्व प्रधान और भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर चमेल सिंह ने पत्रकार वार्ता में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्टार नाइट्स के नाम पर की जा रही जबरन वसूली नाजायज है। इससे आम जनता में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ठाकुर चमेल सिंह ने कहा कि जिला ऊना का ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ा श्री महादेव द्रोण शिव मंदिर शिवबाड़ी का मेला अपनी मूल पहचान खोता जा रहा है। पुराने समय में इस मेले में बैसाखी पर्व की झलक देखने को मिलती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह बाजारीकरण की चपेट में आ गया है।
उन्होंने कहा कि मेलों में स्टार नाइट्स जैसे आयोजनों ने सभ्यता और परंपरा को आघात पहुंचाया है। बच्चों की जेबों पर डाका डाला गया, झूलों के दाम तिगुने-चौगुने वसूले गए और हर वस्तु सामान्य बाजार दर से कई गुना महंगी बेची गई। ठाकुर चमेल सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि 40 मिनट के भीतर लाखों रुपये फूंक देना समझदारी नहीं है, जबकि मेले का असल उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होना चाहिए था।
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उन्होंने आयोजन में साउंड सिस्टम की अव्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि मुख्य अतिथि के पंडाल में आगमन के दौरान करीब 20 मिनट तक साउंड सिस्टम बंद रहा, जो आयोजनकर्ताओं की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इस अवसर पर अघोरी संत बाबा राम गिरी जी महाराज, एचडी चौहान, अरविंद ठाकुर, सुरिंदर ठाकुर और नवीन जसवाल सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
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ठाकुर चमेल सिंह ने कहा कि जिला ऊना का ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ा श्री महादेव द्रोण शिव मंदिर शिवबाड़ी का मेला अपनी मूल पहचान खोता जा रहा है। पुराने समय में इस मेले में बैसाखी पर्व की झलक देखने को मिलती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह बाजारीकरण की चपेट में आ गया है।
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उन्होंने कहा कि मेलों में स्टार नाइट्स जैसे आयोजनों ने सभ्यता और परंपरा को आघात पहुंचाया है। बच्चों की जेबों पर डाका डाला गया, झूलों के दाम तिगुने-चौगुने वसूले गए और हर वस्तु सामान्य बाजार दर से कई गुना महंगी बेची गई। ठाकुर चमेल सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि 40 मिनट के भीतर लाखों रुपये फूंक देना समझदारी नहीं है, जबकि मेले का असल उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होना चाहिए था।
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उन्होंने आयोजन में साउंड सिस्टम की अव्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि मुख्य अतिथि के पंडाल में आगमन के दौरान करीब 20 मिनट तक साउंड सिस्टम बंद रहा, जो आयोजनकर्ताओं की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इस अवसर पर अघोरी संत बाबा राम गिरी जी महाराज, एचडी चौहान, अरविंद ठाकुर, सुरिंदर ठाकुर और नवीन जसवाल सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।