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मृत्यु होने के छह घंटे के अंदर कराया जा सकता है नेत्रदान : गोपाल कृष्ण
Thu, 27 Aug 2026 12:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:17 AM IST
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ऊना। शिक्षा भारती शिक्षण संस्थान समूर खुर्द ऊना में 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। इस अवसर पर जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि नेत्रदान मृत्यु होने के बाद छह घंटे के भीतर कराया जा सकता है। नेत्रदान से कोर्निया से नेत्रहीन व्यक्ति लाभान्वित हो सकते हैं, कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र, लिंग, ब्लड ग्रुप का हो, वह अपनी आंखें (कॉर्निया) दान कर सकता है। नेत्र निकालने में केवल 10 से 15 मिनट लगते हैं तथा चेहरे पर इससे कोई भी निशान या विकृति नहीं होती। नेत्रदाता की मृत्यु के उपरांत मौके पर उपस्थित व्यक्ति नेत्रदाता की पलकें, पंखा बंद कर दें तथा जल्द से जल्द अपने नजदीकी नेत्र बैंक से संपर्क करें। कोई व्यक्ति जब नेत्रदान के लिए अपने आप को पंजीकृत करवाता है या घोषणा पत्र भरता है, तो वह अपने पारिवारिक सदस्यों, रिश्तेदारों तथा पड़ोसियों को अपने नेत्रदान के संकल्प के बारे में जरूर बताएं। बीसीसी समन्वयक कंचन माला नेत्रदान के लिए मृतक व्यक्ति की आंखों को बंद कर दें तथा मृतक के सिर के नीचे तकिया रख कर ऊंचा कर दें तथा मृतक की आंखों को सूती गीले कपडे से ढक दें या बर्फ रखें ताकि आंखों की नमी बरकरार रहे। उन्होंने कहा की स्वस्थ जीवन के लिए आंख की देखभाल करनी चाहिए। स्क्रीन समय को सीमित करना चाहिए, 20-20-20 नियम का पालन करें, संतुलित आहार व पर्याप्त नींद लें व समय पर आंखों की जांच करवाते रहें। इस अवसर पर समस्त समूह को नेत्रदान की शपथ भी दिलाई गई।
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