{"_id":"664bc17685b5d4ead9079eb8","slug":"extreme-heat-parents-should-not-send-children-up-to-class-5-to-school-today-and-tomorrow-una-news-c-93-1-ssml1048-124501-2024-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: प्रचंड गर्मी, आज और कल पांचवीं तक के बच्चों को स्कूल न भेजें अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: प्रचंड गर्मी, आज और कल पांचवीं तक के बच्चों को स्कूल न भेजें अभिभावक
Tue, 21 May 2024 06:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 21 May 2024 06:15 AM IST
विज्ञापन
ऊना। जिला ऊना के सरकारी और निजी स्कूलों में मंगलवार और बुधवार को प्राइमरी कक्षाओं नहीं लगेंगी। भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को छुट्टी देने के आदेश दिए हैं। शिक्षा विभाग ने प्रशासन से 25 मई तक छोटी कक्षाएं बंद रखने की सिफारिश की थी, जिसके बाद प्रशासन ने दो दिन के लिए नर्सरी से पांचवीं तक की कक्षाओं को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार जिला ऊना में अधिकतम तापमान वर्तमान में 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है। सुबह आठ बजे से ही तीखी गर्मी के कारण लोगों को परेशानी बढ़ने लगती है। ऐसे में बच्चों को स्कूल जाना और भरी दोपहर में लौटकर घर आना बेहद मुश्किल हो रहा है। तेज धूप और लू की मार से बच्चों के बीमार होने के मामले भी सामने आने लगे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 21 से 25 मई तक नर्सरी से पांचवीं तक की कक्षाओं को बंद रखने के लिए सिफारिश की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने 21 और 22 मई को छुट्टी की मंजूरी दी है। उसके बाद मौसम की स्थिति के अनुसार आगामी फैसला लिया जाएगा।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिला के सरकारी एवं निजी स्कूलों में दो दिन के लिए प्राथमिक कक्षाएं बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। लगातार बढ़ रहे तापमान में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। दो दिन के बाद फिर मौसम की परिस्थितियों और तामपान का आंकलन किया जाएगा। उसी के अनुसार आगामी फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने कहा कि जिला में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्राइमरी कक्षाओं को बंद रखने की सिफारिश की गई थी। हालांकि अभी प्रशासन ने दो दिन के लिए प्राइमरी कक्षाएं बंद रखने के निर्देश दिए हैं। अगर गर्मी का प्रकोप बरकरार रहता है तो अगले दिनों की रणनीति तैयार की जाएगी और उसकी रिपोर्ट प्रशासन से साझा की जाएगी।
लू चलने से बढ़ीं लोगों की मुश्किलें
ऊना। प्रचंड गर्मी और लू चलने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले का सोमवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान में बढ़ने लगा है। रविवार रात को जिले का न्यूनतम पारा 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पारा चढ़ने के साथ लू चलना से दोपहर के समय पैदल और दोपहिया वाहनों पर सफर करने वालों लोगों को काफी परेशानी हो रही है। गर्मी के कारण लोग अब घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। आलम यह है कि पंखें व कूलर भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे हैं। दोपहर के समय तेज धूप होने के कारण पानी की टंकियों से भी गर्म पानी ही लोगों को नसीब हो रहा है। उधर, मौसम विभाग के विशेषज्ञ विनोद कुमार ने कहा कि आगामी दिनों में जिले में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
स्वास्थ्य विभाग जारी कर चुका है हीट स्ट्रोक का अधिसूचना
जिला ऊना में बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से हीट स्ट्रोक को लेकर अधिसूचना जारी की गई। इसमें कहा गया कि तेज सिर दर्द, शरीर का तापमान 104 डिग्री फार्नहाईट, जी मचलाना और उलटी होना, घबराहट होना, सिर चकराना, बेहोशी और चक्कर आना, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, गर्म लाल और सूखी त्वचा हीट स्ट्रोक के लक्ष्य हैं। यह जानलेवा हो सकता है। विभाग ने लोगों को सुझाव दिया है कि भीषण गर्मी से बचने के लिए भरपूर पानी पीएं। बेशक आपको प्यास न भी हो। ओआरएस का प्रयोग करें। नींबू पानी, लस्सी आदि लेते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। साथ ही लोगों को हल्के सूती और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार जिला ऊना में अधिकतम तापमान वर्तमान में 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है। सुबह आठ बजे से ही तीखी गर्मी के कारण लोगों को परेशानी बढ़ने लगती है। ऐसे में बच्चों को स्कूल जाना और भरी दोपहर में लौटकर घर आना बेहद मुश्किल हो रहा है। तेज धूप और लू की मार से बच्चों के बीमार होने के मामले भी सामने आने लगे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 21 से 25 मई तक नर्सरी से पांचवीं तक की कक्षाओं को बंद रखने के लिए सिफारिश की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने 21 और 22 मई को छुट्टी की मंजूरी दी है। उसके बाद मौसम की स्थिति के अनुसार आगामी फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिला के सरकारी एवं निजी स्कूलों में दो दिन के लिए प्राथमिक कक्षाएं बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। लगातार बढ़ रहे तापमान में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। दो दिन के बाद फिर मौसम की परिस्थितियों और तामपान का आंकलन किया जाएगा। उसी के अनुसार आगामी फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने कहा कि जिला में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्राइमरी कक्षाओं को बंद रखने की सिफारिश की गई थी। हालांकि अभी प्रशासन ने दो दिन के लिए प्राइमरी कक्षाएं बंद रखने के निर्देश दिए हैं। अगर गर्मी का प्रकोप बरकरार रहता है तो अगले दिनों की रणनीति तैयार की जाएगी और उसकी रिपोर्ट प्रशासन से साझा की जाएगी।
लू चलने से बढ़ीं लोगों की मुश्किलें
ऊना। प्रचंड गर्मी और लू चलने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले का सोमवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान में बढ़ने लगा है। रविवार रात को जिले का न्यूनतम पारा 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पारा चढ़ने के साथ लू चलना से दोपहर के समय पैदल और दोपहिया वाहनों पर सफर करने वालों लोगों को काफी परेशानी हो रही है। गर्मी के कारण लोग अब घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। आलम यह है कि पंखें व कूलर भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे हैं। दोपहर के समय तेज धूप होने के कारण पानी की टंकियों से भी गर्म पानी ही लोगों को नसीब हो रहा है। उधर, मौसम विभाग के विशेषज्ञ विनोद कुमार ने कहा कि आगामी दिनों में जिले में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
स्वास्थ्य विभाग जारी कर चुका है हीट स्ट्रोक का अधिसूचना
जिला ऊना में बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से हीट स्ट्रोक को लेकर अधिसूचना जारी की गई। इसमें कहा गया कि तेज सिर दर्द, शरीर का तापमान 104 डिग्री फार्नहाईट, जी मचलाना और उलटी होना, घबराहट होना, सिर चकराना, बेहोशी और चक्कर आना, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, गर्म लाल और सूखी त्वचा हीट स्ट्रोक के लक्ष्य हैं। यह जानलेवा हो सकता है। विभाग ने लोगों को सुझाव दिया है कि भीषण गर्मी से बचने के लिए भरपूर पानी पीएं। बेशक आपको प्यास न भी हो। ओआरएस का प्रयोग करें। नींबू पानी, लस्सी आदि लेते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। साथ ही लोगों को हल्के सूती और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी है।