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Una News: अस्पताल में इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम होगा लागू, अब स्क्रीन पर दिखेगा नंबर
Fri, 02 Aug 2024 01:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 02 Aug 2024 01:42 AM IST
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ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ को कम करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने उठाया कदम
अस्पताल में लंबे समय से बंद पड़ी है इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम प्रणाली शुरू करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कदमताल शुरू कर दी है। प्रबंधन ने मरीजों को ओपीडी के बाहर कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करने की समस्या को दूर करने के लिए एक अहम कदम उठाया है।
बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल में पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम से जुड़े मशीन स्थापित की गई है, लेकिन इनका काफी समय से प्रयोग नहीं हो पा रहा है। इस पर अब प्रबंधन ने इन मशीनों के प्रयोग को लेकर कार्य शुरू कर दिया है। इन मशीनों के संचालन से मरीजों को कतार में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा ओपीडी में पर्ची की अदला-बदली को लेकर होने वाली दिक्कतों से भी दो-चार नहीं होना पड़ेगा। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना सुबह से ही मरीजों का जुटना शुरू हो जाता है। वर्तमान में पर्ची काउंटर से पर्ची लेने के बाद मरीज को ओपीडी के बाहर मौजूद होमगार्ड के जवान को पर्ची सौंपनी होती है। इसके बाद वह पर्ची चिकित्सक के टेबल पर रख दी जाती है। फिर बारी-बारी से होमगार्ड जवान द्वारा मरीजों को ओपीडी के अंदर बुलाया जाता है। इस दौरान मरीजों की तरफ से कई बार पर्ची आगे पीछे करने के भी आरोप लगाए जाते हैं। साथ ही मरीजों को कतार में रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान यह भी पता नहीं रहता उसकी बारी कितने मरीजों के बाद आएगी।
बता दें कि अस्पताल में जनरल ओपीडी, ऑर्थो ओपीडी, गायनी ओपीडी, मेडिसिन ओपीडी में सबसे अधिक मरीजों की संख्या रहती है। ऐसे में मरीजों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए भी कई बार प्रबंधन और होमगार्ड जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन सब समस्याओं को दूर करने के लिए अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगे इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम डिस्प्ले बोर्ड द्वारा मरीज को टोकन प्रदान किए जाएंगे। डिस्प्ले बोर्ड पर टोकन में दिए गए नंबर अंकित होने पर ही वह मरीज उपचार के लिए ओपीडी में जाएगा। इससे ओपीडी के बाहर लगने वाली कतार भी व्यवस्थित रहेगी। साथ ही मरीजों को भी पता रहेगा कि उनकी बारी कब तक आने वाली है। अस्पताल प्रबंधन ने इन मशीनों को दुरुस्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। आगामी दिनों में अस्पताल में इन मशीनों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
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कोट्स
अस्पताल में इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सुविधा शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा बैठने के लिए बैंच व कुर्सियों भी लगाई जाएंगी। अस्पताल में मरीज को कोई दिक्कत न हो, इस दिशा में हरसंभव कार्य किया जा रहा है।
डॉ. संजय मनकोटिया, अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना
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अस्पताल में लंबे समय से बंद पड़ी है इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम प्रणाली शुरू करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कदमताल शुरू कर दी है। प्रबंधन ने मरीजों को ओपीडी के बाहर कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करने की समस्या को दूर करने के लिए एक अहम कदम उठाया है।
बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल में पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम से जुड़े मशीन स्थापित की गई है, लेकिन इनका काफी समय से प्रयोग नहीं हो पा रहा है। इस पर अब प्रबंधन ने इन मशीनों के प्रयोग को लेकर कार्य शुरू कर दिया है। इन मशीनों के संचालन से मरीजों को कतार में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा ओपीडी में पर्ची की अदला-बदली को लेकर होने वाली दिक्कतों से भी दो-चार नहीं होना पड़ेगा। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना सुबह से ही मरीजों का जुटना शुरू हो जाता है। वर्तमान में पर्ची काउंटर से पर्ची लेने के बाद मरीज को ओपीडी के बाहर मौजूद होमगार्ड के जवान को पर्ची सौंपनी होती है। इसके बाद वह पर्ची चिकित्सक के टेबल पर रख दी जाती है। फिर बारी-बारी से होमगार्ड जवान द्वारा मरीजों को ओपीडी के अंदर बुलाया जाता है। इस दौरान मरीजों की तरफ से कई बार पर्ची आगे पीछे करने के भी आरोप लगाए जाते हैं। साथ ही मरीजों को कतार में रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान यह भी पता नहीं रहता उसकी बारी कितने मरीजों के बाद आएगी।
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बता दें कि अस्पताल में जनरल ओपीडी, ऑर्थो ओपीडी, गायनी ओपीडी, मेडिसिन ओपीडी में सबसे अधिक मरीजों की संख्या रहती है। ऐसे में मरीजों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए भी कई बार प्रबंधन और होमगार्ड जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन सब समस्याओं को दूर करने के लिए अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगे इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सिस्टम डिस्प्ले बोर्ड द्वारा मरीज को टोकन प्रदान किए जाएंगे। डिस्प्ले बोर्ड पर टोकन में दिए गए नंबर अंकित होने पर ही वह मरीज उपचार के लिए ओपीडी में जाएगा। इससे ओपीडी के बाहर लगने वाली कतार भी व्यवस्थित रहेगी। साथ ही मरीजों को भी पता रहेगा कि उनकी बारी कब तक आने वाली है। अस्पताल प्रबंधन ने इन मशीनों को दुरुस्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। आगामी दिनों में अस्पताल में इन मशीनों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
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अस्पताल में इलेक्ट्रॉनिक पर्ची सुविधा शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा बैठने के लिए बैंच व कुर्सियों भी लगाई जाएंगी। अस्पताल में मरीज को कोई दिक्कत न हो, इस दिशा में हरसंभव कार्य किया जा रहा है।
डॉ. संजय मनकोटिया, अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना