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हिमाचल: नानी के घर आया आइडिया, 14 साल की एकमजीत ने बनाया चार खूबियों वाला ओवन; देशभर में 23वां स्थान
Fri, 23 Oct 2026 10:29 AM IST
Ankesh Dogra
जसवीर ठाकुर, ऊना।
जसवीर ठाकुर, ऊना।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 23 Oct 2026 10:29 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के ऊना की 14 वर्षीय एकमजीत कौर ने पुराने ओवन को चार सुविधाओं वाली मल्टी यूटिलिटी मशीन में बदलकर नवाचार की मिसाल पेश की है। करीब 2,500 से 3,000 रुपये की लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट ने नेशनल इंस्पायर मानक अवॉर्ड प्रतियोगिता में देशभर में 23वां स्थान हासिल किया।
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पुरस्कार के साथ एकमजीत।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
छोटी उम्र में बड़े नवाचार की मिसाल पेश करते हुए हिमाचल प्रदेश की 14 वर्षीय एकमजीत कौर ने फोर-इन-वन मल्टी यूटिलिटी ओवन का प्रोजेक्ट तैयार किया है। नेशनल इंस्पायर मानक अवॉर्ड प्रतियोगिता में एकमजीत ने देशभर में 23वां स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में 592 प्रतिभागियों के बीच देश के शीर्ष 60 विद्यार्थियों में जगह बनाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की। इस उपलब्धि के बाद अब एकमजीत जापान भ्रमण के साथ फेस्टिवल ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में भी भाग लेंगी।
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एकमजीत ऊना के रॉकफोर्ड डे बोर्डिंग स्कूल में बारहवीं कक्षा की नॉन मेडिकल की छात्रा हैं। उन्होंने पुराने और खराब हो चुके ओवन का इस्तेमाल कर एक ऐसी बहुउपयोगी मशीन तैयार की, जिसमें चार अलग-अलग सुविधाएं शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट को बनाने में करीब 2,500 से 3,000 रुपये खर्च हुए। इसे पेटेंट करवाने के उद्देश्य से नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एनआईएफ) को आवेदन भी भेजा गया है।
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नानी के घर की समस्याओं से आया मशीन बनाने का विचार
एकमजीत के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का विचार उन्हें अपनी नानी के घर आने वाली रोजमर्रा की परेशानियों को देखकर आया। वहां अनाज और मसालों को संभालने, छोटे बच्चों के कपड़े सुखाने और सर्दी से बचाव जैसी जरूरतों को पूरा करने में होने वाली दिक्कतों ने उन्हें एक ऐसी मशीन बनाने के लिए प्रेरित किया, जो एक साथ कई काम कर सके। इसी सोच के साथ उन्होंने पुराने ओवन को नया उपयोग देते हुए फोर-इन-वन मल्टी यूटिलिटी मशीन तैयार की। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रोजमर्रा के कई कामों के लिए एक ही मशीन का इस्तेमाल करना है।
एकमजीत के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का विचार उन्हें अपनी नानी के घर आने वाली रोजमर्रा की परेशानियों को देखकर आया। वहां अनाज और मसालों को संभालने, छोटे बच्चों के कपड़े सुखाने और सर्दी से बचाव जैसी जरूरतों को पूरा करने में होने वाली दिक्कतों ने उन्हें एक ऐसी मशीन बनाने के लिए प्रेरित किया, जो एक साथ कई काम कर सके। इसी सोच के साथ उन्होंने पुराने ओवन को नया उपयोग देते हुए फोर-इन-वन मल्टी यूटिलिटी मशीन तैयार की। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रोजमर्रा के कई कामों के लिए एक ही मशीन का इस्तेमाल करना है।
एक मशीन में चार सुविधाएं
एकमजीत के तैयार किए गए प्रोजेक्ट में चार प्रमुख सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें वस्तुओं को गर्म करना, ब्लोअर चलाना, कपड़े सुखाना और गर्मी से बचाव के लिए एसी जैसी सुविधा देना शामिल है। पुराने ओवन को उपयोग में लाकर तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 2,500 से 3,000 रुपये बताई गई है। कम खर्च में बहुउपयोगी मशीन तैयार करने का उनका यह प्रयास नवाचार और संसाधनों के पुनः उपयोग का उदाहरण है।
एकमजीत के तैयार किए गए प्रोजेक्ट में चार प्रमुख सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें वस्तुओं को गर्म करना, ब्लोअर चलाना, कपड़े सुखाना और गर्मी से बचाव के लिए एसी जैसी सुविधा देना शामिल है। पुराने ओवन को उपयोग में लाकर तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 2,500 से 3,000 रुपये बताई गई है। कम खर्च में बहुउपयोगी मशीन तैयार करने का उनका यह प्रयास नवाचार और संसाधनों के पुनः उपयोग का उदाहरण है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हासिल किया 23वां स्थान
एकमजीत ने नेशनल इंस्पायर मानक अवॉर्ड प्रतियोगिता में देशभर में 23वां स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में 592 प्रतिभागियों में से शीर्ष 60 विद्यार्थियों का चयन हुआ, जिसमें एकमजीत भी शामिल रहीं। इससे पहले वह जिला स्तरीय प्रतियोगिता हमीरपुर और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता सोलन में भी अपने प्रोजेक्ट के दम पर पहचान बना चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मिली सफलता ने उनके नवाचार को नई पहचान दिलाई है।
एकमजीत ने नेशनल इंस्पायर मानक अवॉर्ड प्रतियोगिता में देशभर में 23वां स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में 592 प्रतिभागियों में से शीर्ष 60 विद्यार्थियों का चयन हुआ, जिसमें एकमजीत भी शामिल रहीं। इससे पहले वह जिला स्तरीय प्रतियोगिता हमीरपुर और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता सोलन में भी अपने प्रोजेक्ट के दम पर पहचान बना चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मिली सफलता ने उनके नवाचार को नई पहचान दिलाई है।
अब जापान भ्रमण और फेस्टिवल ऑफ इंडिया में लेंगी भाग
राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने के बाद एकमजीत को जापान भ्रमण का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वह फेस्टिवल ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में भी भाग लेंगी। यह उपलब्धि उनके लिए अपने नवाचार और प्रतिभा को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर होगी। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश से कुल 10 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इनमें कांगड़ा के दो, ऊना के दो, सोलन के तीन, शिमला का एक और हमीरपुर के दो विद्यार्थी शामिल थे।
राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने के बाद एकमजीत को जापान भ्रमण का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वह फेस्टिवल ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में भी भाग लेंगी। यह उपलब्धि उनके लिए अपने नवाचार और प्रतिभा को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर होगी। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश से कुल 10 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इनमें कांगड़ा के दो, ऊना के दो, सोलन के तीन, शिमला का एक और हमीरपुर के दो विद्यार्थी शामिल थे।
पेटेंट के लिए भेजा आवेदन
एकमजीत ने अपने प्रोजेक्ट को पेटेंट करवाने के उद्देश्य से नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया को आवेदन भेजा है। अब इस प्रोजेक्ट को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। एकमजीत की उपलब्धि दिखाती है कि रोजमर्रा की समस्याओं को ध्यान से समझकर नए विचार विकसित किए जा सकते हैं। पुराने उपकरण को उपयोग में लाकर चार सुविधाओं वाली मशीन तैयार करना उनकी रचनात्मक सोच और नवाचार के प्रति रुचि को दर्शाता है।
एकमजीत ने अपने प्रोजेक्ट को पेटेंट करवाने के उद्देश्य से नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया को आवेदन भेजा है। अब इस प्रोजेक्ट को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। एकमजीत की उपलब्धि दिखाती है कि रोजमर्रा की समस्याओं को ध्यान से समझकर नए विचार विकसित किए जा सकते हैं। पुराने उपकरण को उपयोग में लाकर चार सुविधाओं वाली मशीन तैयार करना उनकी रचनात्मक सोच और नवाचार के प्रति रुचि को दर्शाता है।