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Una News: मई में शिक्षा विभाग खंगालेगा निजी स्कूलों का रिकॉर्ड
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खास खबर
स्कूलों में गरीब बच्चों को 25 प्रतिशत दाखिला देने की भी होगी पड़ताल
निजी स्कूलों में बसों के दस्तावेज सहित स्टाफ का रिकॉर्ड होगा चेक
विभागीय नियमों पर खरा न उतरने वाले स्कूलों की मान्यता होगी रद्द : सोम लाल धीमान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा विभाग मई से निजी स्कूलों के रिकॉर्ड को खंगालेगा। सरकार के निर्देशों के तहत स्कूलों में गरीब बच्चों को 25 प्रतिशत दाखिला देने की भी पड़ताल की जाएगी। निजी स्कूलों में बसों के संचालन से लेकर तैनात किए गए स्टाफ का भी रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ऊना के उपनिदेशक सोम लाल धीमान का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी और निजी स्कूलों में बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों की व्यवस्था को जांचने के लिए खाका तैयार कर लिया गया है। मई माह से इस दिशा में शिक्षा विभाग की गठित टीम सहित सयुंक्त तौर से स्कूलों का दौरा करेगी और सरकार की ओर से तय किए गए दिशा-निर्देशों के तहत तमाम तरह की व्यवस्था को खंगाला जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से एक फॉर्मेट जारी किया गया है, उस फॉर्मेट के आधार पर ही तमाम तरह की जानकारियां जुटा कर सरकार को वस्तु स्थिति से अवगत करवाया जाएगा। निजी स्कूलों में सरकार के निर्देशों के तहत 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को दाखिला करवाना, निजी स्कूलों की बसों में संबंधित दस्तावेजों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी खंगाला जाएगा। साथ में ही निजी स्कूलों में तैनात किए गए स्टाफ के रिकॉर्ड की भी जांच होगी। अगर कोई भी स्कूल तय किए गए नियमों के तहत संचालन करता हुआ नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभाग के नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और ऐसे स्कूलों की मान्यता तक रद्द कर दी जाएगी। सरकार की ओर से जो नियम तय किए गए हैं उनके तहत ही स्कूलों का संचालन होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान जो भी खामियां पाई जाएंगी उन्हें समय रहते अगर दुरुस्त नहीं किया गया तो ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब देखना बाकी है कि मई में ऊना जिले के निजी स्कूल सरकार और विभाग की तय की गई कसौटी पर किस तरह खरा उतरते हैं। यह पहलू देखने लायक होगा। वर्तमान में 116 के तकरीबन निजी स्कूलों का जिलाभर में संचालन किया जा रहा है। वहां पर स्टाफ से लेकर निजी बसों की सुविधा भी बेशक मुहैया करवाई जा रही है लेकिन सुरक्षा व्यवस्था से लेकर बस में चालक के साथ एक सहायक के होने सहित अन्य व्यवस्थाओं पर विभाग की नजर रहेगी।
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स्कूलों में गरीब बच्चों को 25 प्रतिशत दाखिला देने की भी होगी पड़ताल
निजी स्कूलों में बसों के दस्तावेज सहित स्टाफ का रिकॉर्ड होगा चेक
विभागीय नियमों पर खरा न उतरने वाले स्कूलों की मान्यता होगी रद्द : सोम लाल धीमान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा विभाग मई से निजी स्कूलों के रिकॉर्ड को खंगालेगा। सरकार के निर्देशों के तहत स्कूलों में गरीब बच्चों को 25 प्रतिशत दाखिला देने की भी पड़ताल की जाएगी। निजी स्कूलों में बसों के संचालन से लेकर तैनात किए गए स्टाफ का भी रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ऊना के उपनिदेशक सोम लाल धीमान का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी और निजी स्कूलों में बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों की व्यवस्था को जांचने के लिए खाका तैयार कर लिया गया है। मई माह से इस दिशा में शिक्षा विभाग की गठित टीम सहित सयुंक्त तौर से स्कूलों का दौरा करेगी और सरकार की ओर से तय किए गए दिशा-निर्देशों के तहत तमाम तरह की व्यवस्था को खंगाला जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से एक फॉर्मेट जारी किया गया है, उस फॉर्मेट के आधार पर ही तमाम तरह की जानकारियां जुटा कर सरकार को वस्तु स्थिति से अवगत करवाया जाएगा। निजी स्कूलों में सरकार के निर्देशों के तहत 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को दाखिला करवाना, निजी स्कूलों की बसों में संबंधित दस्तावेजों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी खंगाला जाएगा। साथ में ही निजी स्कूलों में तैनात किए गए स्टाफ के रिकॉर्ड की भी जांच होगी। अगर कोई भी स्कूल तय किए गए नियमों के तहत संचालन करता हुआ नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभाग के नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और ऐसे स्कूलों की मान्यता तक रद्द कर दी जाएगी। सरकार की ओर से जो नियम तय किए गए हैं उनके तहत ही स्कूलों का संचालन होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान जो भी खामियां पाई जाएंगी उन्हें समय रहते अगर दुरुस्त नहीं किया गया तो ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब देखना बाकी है कि मई में ऊना जिले के निजी स्कूल सरकार और विभाग की तय की गई कसौटी पर किस तरह खरा उतरते हैं। यह पहलू देखने लायक होगा। वर्तमान में 116 के तकरीबन निजी स्कूलों का जिलाभर में संचालन किया जा रहा है। वहां पर स्टाफ से लेकर निजी बसों की सुविधा भी बेशक मुहैया करवाई जा रही है लेकिन सुरक्षा व्यवस्था से लेकर बस में चालक के साथ एक सहायक के होने सहित अन्य व्यवस्थाओं पर विभाग की नजर रहेगी।