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141 स्कूलों में पहले से ड्रेस कोड लागू : प्रवक्ता संघ
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मांग : कॉलर टी शर्ट को भी ड्रेस कोड में शामिल किया जाए
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ऊना के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले के 141 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के अध्यापक पहले से ही ड्रेस कोड में आते हैं। संघ के अध्यक्ष दविंदर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश मल्होत्रा, महासचिव शशि सैनी, उपाध्यक्ष संजीव ने साझा बयान में कहा कि कभी भी जिले से कोई ऐसा समाचार नहीं आया कि कोई भी अध्यापक शोभनीय कपड़े पहनकर नहीं आया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार का डाटा देना कि 141 में से इतने स्कूलों ने ड्रेस कोड अपना लिया, समझ से परे है। महासचिव शशि सैनी ने बताया कि ड्रेस कोड जैसे नियमों के कारण अध्यापकों को आने वाले समय में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि पाठशाला में कोई भी अभिभावक आकर बिना बात के बच्चों के सामने अध्यापकों पर ड्रेस कोड से जुड़ा हुआ कोई भी प्रश्न चिह्न लगा सकता है। जैसा की देखने को भी मिल रहा है। महासचिव शशि सैनी ने सरकार से आग्रह किया कि अध्यापकों का आत्म सम्मान बना रहने दें। यह मात्र एक ड्रेस कोड है न कि वर्दी। संघ ने यह मांग भी रखी कि कुछ लोगों की शारीरिक बनावट ऐसी होती है कि वह शर्ट पेंट में कंफर्ट नहीं होते और कॉलर टी शर्ट पहनने पर मजबूर होते हैं। इसलिए जो कॉलर टी शर्ट हैं, वह भी ड्रेस कोड में शामिल की जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ऊना के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले के 141 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के अध्यापक पहले से ही ड्रेस कोड में आते हैं। संघ के अध्यक्ष दविंदर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश मल्होत्रा, महासचिव शशि सैनी, उपाध्यक्ष संजीव ने साझा बयान में कहा कि कभी भी जिले से कोई ऐसा समाचार नहीं आया कि कोई भी अध्यापक शोभनीय कपड़े पहनकर नहीं आया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार का डाटा देना कि 141 में से इतने स्कूलों ने ड्रेस कोड अपना लिया, समझ से परे है। महासचिव शशि सैनी ने बताया कि ड्रेस कोड जैसे नियमों के कारण अध्यापकों को आने वाले समय में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि पाठशाला में कोई भी अभिभावक आकर बिना बात के बच्चों के सामने अध्यापकों पर ड्रेस कोड से जुड़ा हुआ कोई भी प्रश्न चिह्न लगा सकता है। जैसा की देखने को भी मिल रहा है। महासचिव शशि सैनी ने सरकार से आग्रह किया कि अध्यापकों का आत्म सम्मान बना रहने दें। यह मात्र एक ड्रेस कोड है न कि वर्दी। संघ ने यह मांग भी रखी कि कुछ लोगों की शारीरिक बनावट ऐसी होती है कि वह शर्ट पेंट में कंफर्ट नहीं होते और कॉलर टी शर्ट पहनने पर मजबूर होते हैं। इसलिए जो कॉलर टी शर्ट हैं, वह भी ड्रेस कोड में शामिल की जाए।