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विभोर साहिब सिंचाई योजना का होगा नवीनीकरण
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ऊना। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग जल्द ही विभोर साहिब सिंचाई योजना का नवीनीकरण कर इसे अपग्रेड करने जा रहा है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा में सुधार होगा। जानकारी के अनुसार सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से विभोर साहिब सिंचाई योजना का नवीनीकरण प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना के तहत किया जाएगा। इसके लिए आईपीएच विभाग ने योजना के संबंध में एक डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भी भेज दी है। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना के तहत केंद्र सरकार विभोर साहिब प्रोजेक्ट के नवीनीकरण के लिए 90 प्रतिशत तक का बजट मुहैया करवाएगी और बाकी का 10 प्रतिशत बजट का खर्च हिमाचल प्रदेश सरकार को उठाना पड़ेगा। विभोर साहिब योजना के नवीनीकरण में जन, स्वास्थ्य व सिंचाई विभाग द्वारा 15 वर्ष पुरानी मशीनरी, नलकूप, टूटी हुई पानी की नालियों, भूमि सिंचाई के लिए डाली गई सीमेंट के पाइपों के जगह पीडीपीई पाइप डालने सहित अन्य बड़े-छोटे कार्य को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
विभोर साहिब सिंचाई योजना के हैं दो फेज
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार विभोर साहिब सिंचाई योजना दो चरणों में विभाजित है। जिसमें प्रथम चरण का शुभारंभ 1980 में हुआ था। दूसरे चरण का उद्घाटन 2008 में हुआ था। इस योजना के तहत जिला ऊना की लगभग 12 पंचायतों की करीब 2640 हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जा रहा है। हालांकि कुछ जगह पर सिंचाई योजना की आपूर्ति के पाइप क्षतिग्रस्त होने से इसका पूरा लाभ किसान तक नहीं पहुंच पा रहा है।
केंद्रीय जल बोर्ड को भेजी है डीपीआर : एससी
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के एससी श्याम कुमार ने बताया कि विभोर साहिब योजना के नवीनीकरण के लिए विभाग की ओर से डीपीआर तैयार कर केंद्रीय जल बोर्ड को भेजी है। काफी पुरानी सिंचाई योजना होने के कारण कुछ जगह पर सुधार की जरूरत हैं। जिससे अब नवीनीकरण के तहत इन कमियों को दूर कर किसानों तक योजना का पूरा लाभ पहुंचाया जाएगा।
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विभोर साहिब सिंचाई योजना के हैं दो फेज
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार विभोर साहिब सिंचाई योजना दो चरणों में विभाजित है। जिसमें प्रथम चरण का शुभारंभ 1980 में हुआ था। दूसरे चरण का उद्घाटन 2008 में हुआ था। इस योजना के तहत जिला ऊना की लगभग 12 पंचायतों की करीब 2640 हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जा रहा है। हालांकि कुछ जगह पर सिंचाई योजना की आपूर्ति के पाइप क्षतिग्रस्त होने से इसका पूरा लाभ किसान तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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केंद्रीय जल बोर्ड को भेजी है डीपीआर : एससी
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के एससी श्याम कुमार ने बताया कि विभोर साहिब योजना के नवीनीकरण के लिए विभाग की ओर से डीपीआर तैयार कर केंद्रीय जल बोर्ड को भेजी है। काफी पुरानी सिंचाई योजना होने के कारण कुछ जगह पर सुधार की जरूरत हैं। जिससे अब नवीनीकरण के तहत इन कमियों को दूर कर किसानों तक योजना का पूरा लाभ पहुंचाया जाएगा।
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