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Una News: मानसिक क्रूरता के आधार पर पति को तलाक, 17 साल पुरानी शादी खत्म

Sun, 18 Oct 2026 12:31 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sun, 18 Oct 2026 12:31 AM IST
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Divorce granted to husband on grounds of mental cruelty; 17-year-old marriage ends
दुलैहड़ (ऊना)। ऊना की पारिवारिक अदालत ने मानसिक क्रूरता के आधार पर पति की तलाक याचिका स्वीकार करते हुए 17 साल पुराना विवाह समाप्त करने का आदेश दिया है। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश प्रथम राजिंदर कुमार की अदालत ने माना कि दंपती के लंबे समय से अलग रहने और सुलह के प्रयास विफल होने की परिस्थितियां मानसिक क्रूरता के दायरे में आती हैं। हालांकि, पत्नी पर अवैध संबंधों के आरोप साबित नहीं हुए।
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दोनों का विवाह चार नवंबर 2009 को हुआ था और उनकी दो बेटियां हैं। पति ने आरोप लगाया था कि पत्नी उसके गांव में रहने को तैयार नहीं थी और उसे व उसके माता-पिता को मानसिक परेशानी देती थी। उसने पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का आरोप भी लगाया। पत्नी ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है और पति के गांव या आसपास तबादला करवाने को तैयार थी। वह 20 मार्च 2020 को बड़ी बेटी की परीक्षा के बाद बेटियों के साथ मायके गई थी। कोरोना महामारी के कारण लगे बंद के चलते वहीं रुक गई।
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पंचायत में समझौते के बाद भी नहीं बनी सहमति
अदालत में सामने आया कि 31 मई 2020 को पंचायत में दोनों पक्षों के बीच अलग रहने और आपसी सहमति से तलाक लेने को लेकर लिखित समझौता हुआ था। गवाह ने इसकी पुष्टि की। पत्नी का दबाव डालकर हस्ताक्षर करवाने का आरोप भी पर्याप्त साक्ष्यों से साबित नहीं हुआ। अदालत ने पाया कि लंबे समय से अलग रह रहे दंपती के बीच सुलह के प्रयास सफल नहीं हुए और वैवाहिक जीवन दोबारा शुरू होने की संभावना नहीं रही। इन परिस्थितियों को मानसिक क्रूरता के आकलन में महत्वपूर्ण माना गया। हालांकि, पति-पत्नी के अवैध संबंधों के आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका।
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अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिका दाखिल होने के समय अलग रहने की निर्धारित दो वर्ष की अवधि पूरी नहीं होने के कारण परित्याग के आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता। मानसिक क्रूरता के आधार पर विवाह विच्छेद की डिक्री जारी की गई। मुकदमे के खर्च को लेकर अदालत ने कोई आदेश नहीं दिया।
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