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बिना ई-पास पहुंचे श्रद्धालु, रैट टेस्ट करवाने के बाद मिली एंट्री
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ऊना में मालवाहक वाहनों में सवार होकर जाते हुए लोग
- फोटो : Una
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मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल दाखिल होने वाले श्रद्धालुओं में से दर्जनों लोग बिना ई-पास के ही मैहतपुर बॉर्डर पहुंचे। नाके पर तैनात शिक्षकों की टीम ने उन्हें ई-पास बनाने के बाद ही हिमाचल में आने की अनुमति दी।
राजस्थान से कांगड़ा के ज्वालामुखी मंदिर में माथा टेकने जा रहे 15 से 20 श्रद्धालुओं को उस वक्त दिक्कत का सामना करना पड़ा जब उन्हें बिना ई-पास के हिमाचल में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। काफी देर तक इधर-उधर भटकने के बाद जांच नाके पर तैनात शिक्षकों ने उन्हें ई-पास बनाने के लिए सहायता की, तब जाकर उन्हें हिमाचल में प्रवेश मिल सका। सभी श्रद्धालुओं के पास सिंगल डोज का प्रमाण पत्र था, लेकिन ईपास न होने के चलते काफी देर तक बॉर्डर पर ही रुकना पड़ा। हरियाणा से आए एक परिवार को भी काफी देर तक बॉर्डर पर ही इसलिए रुकना पड़ा क्योंकि इन लोगों के पास भी ई-पास नहीं था। बाद में ई-पास बनने पर प्रवेश मिला। यह परिवार हरियाणा से माता वैष्णो देवी के माथा टेकने जा रहा था।
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे देखा कि हरियाणा से आए एक परिवार के पास कोई रिपोर्ट न होने पर एंट्री नहीं मिली। कर्मचारियों ने उन्हें वापस पंजाब के नंगल स्थित सरकारी अस्पताल में अपने कोविड रैपिड टेस्ट करवाकर उसकी रिपोर्ट लाने को कहा। पंजाब से आने वाले श्रद्धालु डेरा बाबा बडभाग सिंह के माथा टेकने के लिए हिमाचल बॉर्डर पर तैनात शिक्षकों से हल्की-फुल्की बहसबाजी भी करते देखे गए। कर्मचारियों के मुताबिक शुक्रवार को काफी संख्या में लोग हिमाचल में दाखिल हुए। इनमें से अधिकतर लोग चिंतपूर्णी और बाबा बड़भाग सिंह के यहां माथा टेकने को आए।
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राजस्थान से कांगड़ा के ज्वालामुखी मंदिर में माथा टेकने जा रहे 15 से 20 श्रद्धालुओं को उस वक्त दिक्कत का सामना करना पड़ा जब उन्हें बिना ई-पास के हिमाचल में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। काफी देर तक इधर-उधर भटकने के बाद जांच नाके पर तैनात शिक्षकों ने उन्हें ई-पास बनाने के लिए सहायता की, तब जाकर उन्हें हिमाचल में प्रवेश मिल सका। सभी श्रद्धालुओं के पास सिंगल डोज का प्रमाण पत्र था, लेकिन ईपास न होने के चलते काफी देर तक बॉर्डर पर ही रुकना पड़ा। हरियाणा से आए एक परिवार को भी काफी देर तक बॉर्डर पर ही इसलिए रुकना पड़ा क्योंकि इन लोगों के पास भी ई-पास नहीं था। बाद में ई-पास बनने पर प्रवेश मिला। यह परिवार हरियाणा से माता वैष्णो देवी के माथा टेकने जा रहा था।
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अमर उजाला टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे देखा कि हरियाणा से आए एक परिवार के पास कोई रिपोर्ट न होने पर एंट्री नहीं मिली। कर्मचारियों ने उन्हें वापस पंजाब के नंगल स्थित सरकारी अस्पताल में अपने कोविड रैपिड टेस्ट करवाकर उसकी रिपोर्ट लाने को कहा। पंजाब से आने वाले श्रद्धालु डेरा बाबा बडभाग सिंह के माथा टेकने के लिए हिमाचल बॉर्डर पर तैनात शिक्षकों से हल्की-फुल्की बहसबाजी भी करते देखे गए। कर्मचारियों के मुताबिक शुक्रवार को काफी संख्या में लोग हिमाचल में दाखिल हुए। इनमें से अधिकतर लोग चिंतपूर्णी और बाबा बड़भाग सिंह के यहां माथा टेकने को आए।
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