{"_id":"6ac54d70a14c2aa9420757cb","slug":"rain-accompanied-by-storms-and-hailstorms-relief-from-the-heat-una-news-c-93-1-una1002-208747-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: अंधड़ और ओलावृष्टि के साथ बारिश, गर्मी से मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: अंधड़ और ओलावृष्टि के साथ बारिश, गर्मी से मिली राहत
Wed, 07 Oct 2026 01:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
ऊना/बड़ूही (ऊना)। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मंगलवार शाम अचानक मौसम ने करवट बदल ली। कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और उमस के बाद शाम को अंधड़ के साथ जोरदार बारिश हुई। इस दौरान कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई।
अचानक बदले मौसम से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं खेतों में खड़ी आलू की फसल और कटाई के बाद खेतों में पड़ी मक्की को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई। शाम के समय अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई।
कुछ स्थानों पर ओले गिरने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। तेज बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और पिछले कई दिनों से गर्मी व उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
हालांकि किसानों के लिए यह बारिश कई तरह की चिंता लेकर आई। क्षेत्र के आलू उत्पादक किसान सुनील ठाकुर, निर्मल सिंह और श्याम सुंदर ने बताया कि मंगलवार को कई किसानों ने आलू की फसल में सिंचाई की थी। इसके बाद शाम को हुई तेज बारिश के कारण कई खेतों की मेड़ों में पानी जमा हो गया है।
इससे आलू की फसल में पानी खड़ा रहने से नुकसान की आशंका बनी हुई है। किसानों ने बताया कि आलू की फसल अब तैयार होने की अवस्था में पहुंच चुकी है।
ऐसे समय में खेतों में अधिक पानी जमा होना फसल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं, ओलावृष्टि से आलू के पौधों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में पहले ही नमी बनी हुई थी और अब दोबारा तेज बारिश व ओलावृष्टि होने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद ही फसल के वास्तविक नुकसान का आकलन हो पाएगा। फिलहाल बारिश से गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन आलू और मक्की की फसल को लेकर किसान मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। दूसरी ओर, बारिश ने उन किसानों की भी परेशानी बढ़ा दी है, जिन्होंने मक्की की फसल काटकर खेतों में सुखाने के लिए डाल रखी थी।
कई किसानों ने मक्की के पौधों से गुली निकालने के बाद उसे खेतों में ही रखा था। अचानक हुई तेज बारिश से खेतों में पड़ी मक्की भीग गई। किसानों ने बारिश से बचाने के लिए खेतों में पड़ी मक्की को तरपाल से ढकना शुरू कर दिया, ताकि फसल को ज्यादा नुकसान से बचाया जा सके।
सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे सुबह और शाम के समय मौसम में हल्की ठंडक रही, जिससे लोगों को बदलते मौसम का अहसास हुआ।
मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सोमवार रात का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ऊना के समन्वयक विनोद कुमार ने बताया कि आगामी दिनों में बारिश होने की संभावना है।
विज्ञापन
अचानक बदले मौसम से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं खेतों में खड़ी आलू की फसल और कटाई के बाद खेतों में पड़ी मक्की को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई। शाम के समय अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई।
विज्ञापन
कुछ स्थानों पर ओले गिरने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। तेज बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और पिछले कई दिनों से गर्मी व उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
हालांकि किसानों के लिए यह बारिश कई तरह की चिंता लेकर आई। क्षेत्र के आलू उत्पादक किसान सुनील ठाकुर, निर्मल सिंह और श्याम सुंदर ने बताया कि मंगलवार को कई किसानों ने आलू की फसल में सिंचाई की थी। इसके बाद शाम को हुई तेज बारिश के कारण कई खेतों की मेड़ों में पानी जमा हो गया है।
इससे आलू की फसल में पानी खड़ा रहने से नुकसान की आशंका बनी हुई है। किसानों ने बताया कि आलू की फसल अब तैयार होने की अवस्था में पहुंच चुकी है।
ऐसे समय में खेतों में अधिक पानी जमा होना फसल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं, ओलावृष्टि से आलू के पौधों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में पहले ही नमी बनी हुई थी और अब दोबारा तेज बारिश व ओलावृष्टि होने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद ही फसल के वास्तविक नुकसान का आकलन हो पाएगा। फिलहाल बारिश से गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन आलू और मक्की की फसल को लेकर किसान मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। दूसरी ओर, बारिश ने उन किसानों की भी परेशानी बढ़ा दी है, जिन्होंने मक्की की फसल काटकर खेतों में सुखाने के लिए डाल रखी थी।
कई किसानों ने मक्की के पौधों से गुली निकालने के बाद उसे खेतों में ही रखा था। अचानक हुई तेज बारिश से खेतों में पड़ी मक्की भीग गई। किसानों ने बारिश से बचाने के लिए खेतों में पड़ी मक्की को तरपाल से ढकना शुरू कर दिया, ताकि फसल को ज्यादा नुकसान से बचाया जा सके।
सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे सुबह और शाम के समय मौसम में हल्की ठंडक रही, जिससे लोगों को बदलते मौसम का अहसास हुआ।
मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सोमवार रात का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ऊना के समन्वयक विनोद कुमार ने बताया कि आगामी दिनों में बारिश होने की संभावना है।