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Una News: ऋषि पंचमी पर धार्मिक रंग में रंगा डेरा बाबा रूद्रानंद अलैहड़
Mon, 09 Sep 2024 01:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 09 Sep 2024 01:28 AM IST
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ऊना। उत्तर भारत के प्रसिद्ध डेरा बाबा रूद्रानंद अलैहड़ में ऋषि पंचमी के अवसर पर सप्त ऋषियों के मूर्ति की स्थापना विधिपूर्वक की गई। वेदांताचार्य स्वामी 1008 सुग्रीवानंद महाराज जी ने विधिवत पूजा अर्चना करते हुए सप्त ऋषियों की स्थापना करवाई।
इस अवसर पर उनके परम शिष्य स्वामी हेमानंद महाराज ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित करवाते हुए हजारों की संख्या में पहुंची संगत के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं करवाईं। अखंड धूने पर श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। वेदांताचार्य 1008 स्वामी सुग्रीवानंद महाराज ने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलना आज के समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डेरे, मंदिर, धर्मस्थल हमें धर्म का रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म का रास्ता कभी गलत नहीं होता। उन्होंने कहा कि आज ऋषि पंचमी के अवसर पर आप सबको सप्त ऋषियों के दर्शन हो रहे हैं। यह ऋषि परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी जानकारी प्रत्येक प्राणी को होनी चाहिए। वेदांताचार्य स्वामी 1008 स्वामी सुग्रीवानंद जी महाराज ने कहा कि समाज को सही दिशा धर्म के द्वारा दी जा सकती है। धर्म कभी गलत नहीं होता, बल्कि अनुसरण सही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व के मंगल की कामना हम करते हैं। सबके कल्याण की कामना हम करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज हजारों की संख्या में जो श्रद्धालु पहुंचे हैं, उनके जीवन में यह दिन सदैव यादगार बनकर रहेगा कि सब ऋषि पंचमी के अवसर पर सप्तर्षियों के दर्शन करते हुए और आज ही के दिन इन ऋषियों की स्थापना भव्य रूप से हुई है। वहीं, स्वामी हेमानंद महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि ऋषि पंचमी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से मूर्तियां आई है। भव्य पर्वत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह हम सबको प्रेरणा देते रहेंगे। स्वामी हेमानंद महाराज ने कहा कि वास्तव में यह ऋषि हमारी पहचान हैं। उन्होंने कहा कि सप्त ऋषि समस्त मानवता पर अपना आशीर्वाद रखें, कल्याण करें। यही आज के दिन मंगल कामनाएं हैं।
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इस अवसर पर उनके परम शिष्य स्वामी हेमानंद महाराज ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित करवाते हुए हजारों की संख्या में पहुंची संगत के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं करवाईं। अखंड धूने पर श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। वेदांताचार्य 1008 स्वामी सुग्रीवानंद महाराज ने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलना आज के समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डेरे, मंदिर, धर्मस्थल हमें धर्म का रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म का रास्ता कभी गलत नहीं होता। उन्होंने कहा कि आज ऋषि पंचमी के अवसर पर आप सबको सप्त ऋषियों के दर्शन हो रहे हैं। यह ऋषि परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी जानकारी प्रत्येक प्राणी को होनी चाहिए। वेदांताचार्य स्वामी 1008 स्वामी सुग्रीवानंद जी महाराज ने कहा कि समाज को सही दिशा धर्म के द्वारा दी जा सकती है। धर्म कभी गलत नहीं होता, बल्कि अनुसरण सही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व के मंगल की कामना हम करते हैं। सबके कल्याण की कामना हम करते हैं।
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उन्होंने कहा कि आज हजारों की संख्या में जो श्रद्धालु पहुंचे हैं, उनके जीवन में यह दिन सदैव यादगार बनकर रहेगा कि सब ऋषि पंचमी के अवसर पर सप्तर्षियों के दर्शन करते हुए और आज ही के दिन इन ऋषियों की स्थापना भव्य रूप से हुई है। वहीं, स्वामी हेमानंद महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि ऋषि पंचमी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से मूर्तियां आई है। भव्य पर्वत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह हम सबको प्रेरणा देते रहेंगे। स्वामी हेमानंद महाराज ने कहा कि वास्तव में यह ऋषि हमारी पहचान हैं। उन्होंने कहा कि सप्त ऋषि समस्त मानवता पर अपना आशीर्वाद रखें, कल्याण करें। यही आज के दिन मंगल कामनाएं हैं।
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