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Una News: मानसिक दिव्यांगों के कानूनी संरक्षण पर उपायुक्त ने की चर्चा
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कहा, जिले में अब तक 112 मामलों में स्थायी विधिक संरक्षक नियुक्त
एससी-एसटी अधिनियम के पांच मामलों में 2.75 लाख की राहत राशि जारी की
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत गठित जिलास्तरीय समिति की बैठक शुक्रवार को उपायुक्त जतिन लाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें मानसिक रूप से दिव्यांगजनों जैसे स्वपरायणता (ऑटिज़्म), प्रमस्तिष्क घात (सेरेब्रल पाल्सी), मानसिक मंदता तथा बहु-दिव्यंगता से पीड़ित व्यक्तियों के विधिक संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कहा कि यह अधिनियम ऐसे विशेष व्यक्तियों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं या देखभाल करने वाला कोई नहीं है। जिले में अब तक 112 मामलों में स्थायी विधिक संरक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। उपायुक्त ने संबंधित सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एससी-एसटी अधिनियम के तहत पांच मामलों में 2.75 लाख रुपये की राहत राशि जारी की गई है। इसके साथ ही उपायुक्त ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति के लोगों को समाज में समानता का अधिकार दिलाने, जातिगत भेदभाव व अत्याचार निवारण को लेकर गठित जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता की। उपायुक्त ने बताया कि इस अधिनियम के तहत सजा दिलाने के साथ-साथ पीड़ित को कानूनी संरक्षण और पुनर्वास राहत राशि के रूप में एक लाख से 8.25 लाख रुपये तक की धनराशि देने का प्रावधान है। बीते तीन माह में पांच मामलों में पीड़ितों को 2.75 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। शेष पर कार्रवाई जारी है।
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एससी-एसटी अधिनियम के पांच मामलों में 2.75 लाख की राहत राशि जारी की
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत गठित जिलास्तरीय समिति की बैठक शुक्रवार को उपायुक्त जतिन लाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें मानसिक रूप से दिव्यांगजनों जैसे स्वपरायणता (ऑटिज़्म), प्रमस्तिष्क घात (सेरेब्रल पाल्सी), मानसिक मंदता तथा बहु-दिव्यंगता से पीड़ित व्यक्तियों के विधिक संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कहा कि यह अधिनियम ऐसे विशेष व्यक्तियों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं या देखभाल करने वाला कोई नहीं है। जिले में अब तक 112 मामलों में स्थायी विधिक संरक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। उपायुक्त ने संबंधित सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एससी-एसटी अधिनियम के तहत पांच मामलों में 2.75 लाख रुपये की राहत राशि जारी की गई है। इसके साथ ही उपायुक्त ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति के लोगों को समाज में समानता का अधिकार दिलाने, जातिगत भेदभाव व अत्याचार निवारण को लेकर गठित जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता की। उपायुक्त ने बताया कि इस अधिनियम के तहत सजा दिलाने के साथ-साथ पीड़ित को कानूनी संरक्षण और पुनर्वास राहत राशि के रूप में एक लाख से 8.25 लाख रुपये तक की धनराशि देने का प्रावधान है। बीते तीन माह में पांच मामलों में पीड़ितों को 2.75 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। शेष पर कार्रवाई जारी है।