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Una News: लौहारली में प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व करने की मांग
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करीब 300 ग्रामीणों ने उपायुक्त ऊना जतिन लाल को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। गगरेट विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लौहारली में अनुसूचित जाति के प्रधान के रेजर्वेशन के लिए करीब 300 गांववासियों ने बुधवार को उपायुक्त ऊना को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे रणजीत कुमार और तिलकराज निवासी लौहारली ने कहा कि हमारे गांव के इतिहास में आजादी के बाद सन 1952 से आज तक एक भी अनुसूचित जाती से प्रधान नहीं रहा। उन्होंने कहा कि हम सभी ग्राम निवासी अनुरोध करते हैं कि इस बार के पंचायत प्रधान चुनाव में प्रधान के पद को अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव में अनुसूचित जाति की जनसंख्या लगभग 300 है। क्या कम जनसंख्या होने की वजह से अनुसूचित जाति का कोई प्रधान नहीं बन सकता। क्या यह समाज में एकता समानता और सद्भाव बनाए रखने के लिए सही है। एक लोकतांत्रिक देश में रहने के बावजूद एक भी उनका पहला अनुसूचित जाति प्रधान मिला है। उन्होंने कहा कि हम ग्राम निवासी चाहते हैं कि हमारे गांव के अनुचित जाति के लोगों में से भी कोई प्रधान बने अनुसूचित जाति के लोगों को भी गांव के विकास में योगदान करने का मौका मिले। कहा कि हमें विश्वास है कि प्रशासन और सरकार इस विषय पर गहन चिंतन करेंगे और उपयुक्त कदम उठाएंगे। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि लौहारली गांव से आए ग्रामीणों की मांग को सुना और इसे सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
इस अवसर सोमनाथ, श्याम लाल,अनीता रानी, रीना देवी, रामपाल, प्रेमलता, महिंद्र सिंह, राजकुमार, लखविंद्र, रजनी देवी, राजकुमार, तरसेम सिंह, जोगिंद्र सिंह, नीलम सहित करीब 300 ग्रामीण मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। गगरेट विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लौहारली में अनुसूचित जाति के प्रधान के रेजर्वेशन के लिए करीब 300 गांववासियों ने बुधवार को उपायुक्त ऊना को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे रणजीत कुमार और तिलकराज निवासी लौहारली ने कहा कि हमारे गांव के इतिहास में आजादी के बाद सन 1952 से आज तक एक भी अनुसूचित जाती से प्रधान नहीं रहा। उन्होंने कहा कि हम सभी ग्राम निवासी अनुरोध करते हैं कि इस बार के पंचायत प्रधान चुनाव में प्रधान के पद को अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव में अनुसूचित जाति की जनसंख्या लगभग 300 है। क्या कम जनसंख्या होने की वजह से अनुसूचित जाति का कोई प्रधान नहीं बन सकता। क्या यह समाज में एकता समानता और सद्भाव बनाए रखने के लिए सही है। एक लोकतांत्रिक देश में रहने के बावजूद एक भी उनका पहला अनुसूचित जाति प्रधान मिला है। उन्होंने कहा कि हम ग्राम निवासी चाहते हैं कि हमारे गांव के अनुचित जाति के लोगों में से भी कोई प्रधान बने अनुसूचित जाति के लोगों को भी गांव के विकास में योगदान करने का मौका मिले। कहा कि हमें विश्वास है कि प्रशासन और सरकार इस विषय पर गहन चिंतन करेंगे और उपयुक्त कदम उठाएंगे। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि लौहारली गांव से आए ग्रामीणों की मांग को सुना और इसे सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
इस अवसर सोमनाथ, श्याम लाल,अनीता रानी, रीना देवी, रामपाल, प्रेमलता, महिंद्र सिंह, राजकुमार, लखविंद्र, रजनी देवी, राजकुमार, तरसेम सिंह, जोगिंद्र सिंह, नीलम सहित करीब 300 ग्रामीण मौजूद रहे।
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