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सेवानिवृत्ति आयु 58 से 60 वर्ष करने की मांग
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ऊना में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से मिलते चतुर्थ श्रेणी संघ।
- फोटो : Una
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ऊना। राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ शिक्षा विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर से मुलाकात की। इस दौरान कर्मचारी संघ ने मांग की कि अंशकालीन और दैनिक भोगी चतुर्थ और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से 60 वर्ष एक समान की जाए। संघ का कहना है कि 10 मई 2001 से पहले नियुक्त अंशकालीन और दैनिक भोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुनील बनियाल ने कहा कि शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पांच साल की बजाय 3 वर्ष में प्रयोगशाला परिचर या लिपिक बनाया जाए। जब तक इस समय अवधि में बदलाव नहीं होता तब तक इन्हें एकमुश्त छूट देकर पदोन्नत किया जाए। इसमें लंबे समय से जो जलवाहक कम सेवादार विभाग में पद रिक्त न होने की वजह से पदोन्नति से वंचित हैं, उनको भी राहत मिल जाएगी।
उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2004 से पहले नियुक्त सभी अंशकालीन और दैनिकभोगी कर्मचारियों को नियमित होने के बाद अन्य कर्मचारियों के की तर्ज पर पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। इस लाभ के लिए इन कर्मचारियों का अंशकालीन और दैनिक भोगी के समय का कार्यकाल भी जोड़ा जाए। इन कर्मचारियों ने 15-16 वर्ष तक कम मानदेय पर विभाग में अपनी सेवाएं दी हैं।
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उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का शिक्षा विभाग का कार्यकाल फरवरी 2021 को समाप्त हो चुका है। ऐसे में सभी जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों से अनुरोध है कि वह अपने-अपने जिला में खंड और जिला स्तर की कार्य कार्यकारिणी का गठन 31 अक्तूबर करें।
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुनील बनियाल ने कहा कि शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पांच साल की बजाय 3 वर्ष में प्रयोगशाला परिचर या लिपिक बनाया जाए। जब तक इस समय अवधि में बदलाव नहीं होता तब तक इन्हें एकमुश्त छूट देकर पदोन्नत किया जाए। इसमें लंबे समय से जो जलवाहक कम सेवादार विभाग में पद रिक्त न होने की वजह से पदोन्नति से वंचित हैं, उनको भी राहत मिल जाएगी।
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उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2004 से पहले नियुक्त सभी अंशकालीन और दैनिकभोगी कर्मचारियों को नियमित होने के बाद अन्य कर्मचारियों के की तर्ज पर पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। इस लाभ के लिए इन कर्मचारियों का अंशकालीन और दैनिक भोगी के समय का कार्यकाल भी जोड़ा जाए। इन कर्मचारियों ने 15-16 वर्ष तक कम मानदेय पर विभाग में अपनी सेवाएं दी हैं।
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उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का शिक्षा विभाग का कार्यकाल फरवरी 2021 को समाप्त हो चुका है। ऐसे में सभी जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों से अनुरोध है कि वह अपने-अपने जिला में खंड और जिला स्तर की कार्य कार्यकारिणी का गठन 31 अक्तूबर करें।