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Una News: श्रावण अष्टमी मेले में मालवाहक वाहनों में सफर करने वालों पर कार्रवाई की मांग
Thu, 13 Aug 2026 06:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 13 Aug 2026 06:39 AM IST
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मुबारिकपुर (ऊना)। माता चिंतपूर्णी मंदिर में 13 अगस्त से श्रावण अष्टमी मेले का शुरू हो रहे हैं। मेले को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रवासियों ने मालवाहक वाहनों पर सफर करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर चिंता जताई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि धार्मिक मेलों, यात्राओं और त्योहारों के सीजन में दूरदराज विशेषकर पड़ोसी राज्यों से जिला के विभिन्न धार्मिक स्थलों के लिए श्रद्धालुओं का मालवाहक वाहनों (ट्रक, पिकअप, ट्रैक्टर-ट्रॉली) में सफर करना आम हो चुका है। आए दिन पहाड़ी रास्तों की उतराई या चढ़ाई वाले क्षेत्रों और तीखे मोड़ों पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे हादसों के तुरंत बाद जिला प्रशासन हरकत में आता है, चेकिंग अभियान चलते हैं और चालान काटे जाते हैं लेकिन कुछ ही दिनों में यह सख्ती ठंडी पड़ जाती है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 24 घंटे सख्त कार्रवाई की जाए। केवल चालान काटना काफी नहीं, नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएं। राज्य की सीमा पर मालवाहक वाहनों में सफर करने पर रोक लगाई जाए।
सड़क हादसे के बाद कुछ दिन अभियान चलाना केवल एक रस्म अदायगी बनकर रह गया है। जब तक सीमावर्ती चौकियों और प्रमुख मार्गों पर तैनात पुलिस बल बिना किसी दबाव के 24 घंटे मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक ये खौफनाक सफर नहीं रुकेगा।
-राकेश कुमार, दौलतपुर चौक
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मालवाहक वाहनों पर सफर असुरक्षित है। इससे सरकार के राजस्व को भी चूना लगता है और दुर्घटनाओं की स्थिति में भी विभिन्न व्यवस्थाएं बनानी पड़ती हैं। मालवाहक वाहनों को राज्य सीमा पर रोककर यात्रियों के लिए परिवहन की व्यवस्था करनी चाहिए, इससे सुरक्षा व सरकारी खजाने में आय के रास्ते खुलेंगे। -रछपाल सिंह चंदेल, मुबारिकपुर
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मालवाहक वाहनों का केवल चालान काटना काफी नहीं है, नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस और पंजीकरण रद्द किए जाने चाहिए। धार्मिक स्थल समितियों को यह घोषणा करनी चाहिए कि मालवाहक वाहनों में आए श्रद्धालुओं को दर्शन में प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
-डॉ. अर्जुन वर्तिया, भद्रकाली
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जन-जागरूकता अभियान और जन भागीदारी अति आवश्यक है। पंचायत स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। जब तक लोग स्वयं यह नहीं समझेंगे कि आस्था से ऊपर जीवन की सुरक्षा है, तब तक दुर्घटनाओं का यह सिलसिला नहीं थमेगा।
अभिनव पराशर, मुबारिकपुर
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सड़क हादसे के बाद कुछ दिन अभियान चलाना केवल एक रस्म अदायगी बनकर रह गया है। जब तक सीमावर्ती चौकियों और प्रमुख मार्गों पर तैनात पुलिस बल बिना किसी दबाव के 24 घंटे मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक ये खौफनाक सफर नहीं रुकेगा।
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-राकेश कुमार, दौलतपुर चौक
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मालवाहक वाहनों पर सफर असुरक्षित है। इससे सरकार के राजस्व को भी चूना लगता है और दुर्घटनाओं की स्थिति में भी विभिन्न व्यवस्थाएं बनानी पड़ती हैं। मालवाहक वाहनों को राज्य सीमा पर रोककर यात्रियों के लिए परिवहन की व्यवस्था करनी चाहिए, इससे सुरक्षा व सरकारी खजाने में आय के रास्ते खुलेंगे। -रछपाल सिंह चंदेल, मुबारिकपुर
मालवाहक वाहनों का केवल चालान काटना काफी नहीं है, नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस और पंजीकरण रद्द किए जाने चाहिए। धार्मिक स्थल समितियों को यह घोषणा करनी चाहिए कि मालवाहक वाहनों में आए श्रद्धालुओं को दर्शन में प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
-डॉ. अर्जुन वर्तिया, भद्रकाली
जन-जागरूकता अभियान और जन भागीदारी अति आवश्यक है। पंचायत स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। जब तक लोग स्वयं यह नहीं समझेंगे कि आस्था से ऊपर जीवन की सुरक्षा है, तब तक दुर्घटनाओं का यह सिलसिला नहीं थमेगा।
अभिनव पराशर, मुबारिकपुर