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Una News: आलू बिजाई के सीजन में तीन गुना घटी 12-32-16 खाद की मांग

Fri, 19 Sep 2025 12:33 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 12:33 AM IST
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Demand for 12-32-16 fertilizer decreased threefold during the potato planting season.
15 सितंबर तक ऊना के स्टोर से बिकती थी 4000 बोरी खाद
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इस बार केवल 1000 के आसपास बोरी की हो पाई बिक्री
महंगी खाद और मौसम की विपरीत परिस्थितियों को माना जा रहा मुख्य कारण
कई किसानों ने बिजाई से हाथ खींचे, तो कई नहीं करना चाहते अधिक खर्च

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। आलू की बिजाई के लिए बेहद जरूरी मानी जाने वाली इफको की 12-32-16 खाद की मांग इस बार काफी घट गई है। बीते वर्षों की तुलना में इस बार ऊना में इसकी खपत लगभग तीन गुना कम हुई है। आमतौर पर 15 सितंबर तक आलू की बिजाई के लिए इफको गोदाम से करीब 4000 बोरी खाद की बिक्री दर्ज होती थी, लेकिन इस बार केवल 1000 बोरी ही बिक पाई।
विशेषज्ञों के अनुसार मांग घटने के दो मुख्य कारण हैं। पहला, मौसम की मार से आलू की खेती करने वाले किसानों की संख्या कम हुई है। इस बार आलू की बिजाई का रकबा 2000 हेक्टेयर से घटकर लगभग 1500 हेक्टेयर रहने की संभावना है। किसानों का कहना है कि बिजाई में पहले ही 15 दिन की देरी हो चुकी है। यदि अब बिजाई करते हैं तो गेहूं की फसल भी देर से बोनी पड़ेगी, जिससे पूरे साल का फसल चक्र प्रभावित होगा। यही कारण है कि केवल वही किसान आलू की बिजाई कर रहे हैं, जिन्होंने या तो गेहूं की खेती छोड़ दी है या फिर फसल देर से बोने का मन बना लिया है।
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दूसरा बड़ा कारण है खाद की बढ़ी कीमत। पिछले साल तक 12-32-16 खाद की कीमत लगभग 1420 रुपये प्रति बोरी थी, जबकि इस साल यह बढ़कर 1800 रुपये हो गई है। लगातार नुकसान झेल रहे किसान अब महंगी खाद पर खर्च करने से बच रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती पहले ही घाटे का सौदा बन चुकी है, ऊपर से मौसम की मार और महंगी खाद ने स्थिति और बिगाड़ दी है।
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इफको ऊना के विक्रय प्रबंधक मोहित शर्मा ने बताया कि इस बार खाद की मांग पिछले साल के मुकाबले कम है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने पर मांग बढ़ सकती है। अभी आलू की बिजाई जारी है और किसान खाद खरीदने आ रहे हैं, लेकिन पहले के मुकाबले उनकी संख्या काफी कम है।
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