फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Decision now taken to collect fees by promoting digital payments.

Una News: डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर अब शुल्क वसूली का फैसला

Thu, 17 Sep 2026 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 17 Sep 2026 12:27 AM IST
विज्ञापन
Decision now taken to collect fees by promoting digital payments.
दौलतपुर चौक (ऊना)। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर लोगों और व्यापारियों को यूपीआई का आदी बनाने के बाद अब 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में चिंता है। कारोबारियों का कहना है कि यूपीआई आज बाजार में भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के हित में नहीं है। सरकार को इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए ताकि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की मुहिम प्रभावित न हो।
विज्ञापन

समाजसेवी मुकेश राणा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने डिजिटल इंडिया और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दिया। लोगों को नकदी के बजाय यूपीआई से भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आज छोटी से लेकर बड़ी खरीदारी तक यूपीआई का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर शुल्क लगाने की बजाय इसे और आसान एवं निशुल्क बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई ने बाजार में भुगतान व्यवस्था को बदल दिया है और अब अधिकांश ग्राहक डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में शुल्क संबंधी किसी भी नई व्यवस्था का असर सीधे व्यापारिक लेनदेन की लागत पर पड़ सकता है। व्यापारियों ने सरकार से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ-साथ कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने की मांग की है।
विज्ञापन




व्यवसायी पंकज शर्मा ने कहा कि यूपीआई अब कारोबार का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ग्राहक बड़ी संख्या में ऑनलाइन भुगतान करते हैं और व्यापारी भी इसे सुविधाजनक माध्यम मानते हैं। उन्होंने कहा कि 2000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर शुल्क का प्रावधान व्यापारियों की भुगतान लागत बढ़ा सकता है। पहले व्यापारियों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और अब शुल्क लगाने की बात सामने आ रही है। सरकार को ऐसी व्यवस्था नहीं करनी चाहिए जिससे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यवसायी सुदीप जसवाल ने कहा कि यूपीआई ने बाजार में लेनदेन को काफी आसान बनाया है। नकदी रखने, खुले पैसे की समस्या और बैंकिंग से जुड़े कई झंझट कम हुए हैं। जब डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर व्यापारियों और ग्राहकों को इसी व्यवस्था पर निर्भर किया गया है तो अब शुल्क लगाने का फैसला उचित नहीं लगता। सरकार को व्यापारियों से जुड़े संगठनों से चर्चा कर इस मामले का समाधान निकालना चाहिए।



व्यवसायी लाल सिंह ठाकुर ने कहा कि छोटे दुकानदारों के लिए प्रत्येक अतिरिक्त खर्च मायने रखता है। कारोबार में पहले ही कई तरह की लागत बढ़ चुकी है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगने से व्यापारियों की परेशानी और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए इसे कम लागत वाला और सुगम माध्यम बनाए रखना चाहिए। सरकार को व्यापारियों के हित में शुल्क संबंधी व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed