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फैसला ता चंगा, पर सारे गेड़े च पा दित्ते

Thu, 10 Nov 2016 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊना
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊना Updated Thu, 10 Nov 2016 11:42 PM IST
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decision is good but problem is also
ऊना में एक बैंक के बाहर पुरानी करेंसी को बदलवाने उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला

ऊना। ....फैसला ता चंगा, पर सारे गेड़े च पा दित्ते मोदी ने। वीरवार को बैंकों में 500 और 1000 के नोट जमा करवाने पहुंचे लोगों में कुछ ऐसी ही चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। देश में 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के एलान के बाद वीरवार को पहली बार खुले तमाम बैंकों में करेंसी चेंज करवाने को लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इससे सुबह से बैंकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। जिला मुख्यालय समेत जिले के हर छोटे-बड़े कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित बैंकों की शाखाओं में लोग अपने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बैंकों में जमा करवाने के लिए घंटों भर लाइनों में जुटे रहे, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, लोगों में बैंकों से मिले 2000 के नोट की झलक पाने का भी खासा क्रेज देखा गया। लोगों की भीड़ के चलते कई बैंकों में नई करेंसी देखते ही देखते कम पड़ गई। इससे कई लोग नया नोट हासिल न कर पाने से निराश हुए। दोपहर तक 100-100 रुपये के बड़े नोटों की कमी होने के चलते बैंक कर्मचारियों ने 10-10 रुपये के बंडल दिए।

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इतना ही नहीं कई बैंक शाखाओं में लोगों को 10-10 रुपये के सिक्के देकर काम चलाया। जहां कई लोगों ने 10-10 रुपये के नोटों के बंडल लेने से मना कर दिया तो वहीं कई लोग बैंक कर्मचारियों से ही उलझ पड़े। हालांकि, अभी तक बैंकिंग सिस्टम के पूरी तरह पटरी पर न आने के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग बिना अपनी करेंसी बैंकों में जमा करवाए घरों को लौटे। घंटों तक लंबी लाइनों में लगने के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, केंद्र सरकार ने उक्त नोटों को प्रतिबंधित करने के साथ उन्हें बैंकों में जमा करवाने के लिए भी 31 दिसंबर 2016 तक की छूट दे रखी है।
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नोट बदलवाने में ही निकल गया पूरा दिन
स्थानीय लोगों राज कुमार, आशीष कुमार, परमजीत सिंह, सोहन कुमार, गौरव सिंह आदि ने बताया कि वीरवार को पैसे जमा करवाने के लिए उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि वीरवार को एटीएम सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं, जिसके चलते उन्होंने बैंक ब्रांचों में ही पहुंच कर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नकदी निकलवाई। लोगों का कहना था कि सरकार का फैसला तो अच्छा है, लेकिन फैसले को जल्दबाजी में लागू करने से दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने पूरा दिन अपना काम छोड़कर नोटों में बदलने में ही निकाल दिया।
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ब्लैकमनी बताने पर भड़की महिला
जिला मुख्यालय के एक बैंक में 500 और 1000 के नोटों को ब्लैकमनी बताने पर एक महिला का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इससे कुछ देर के लिए बैंक में माहौल गर्मा गया। हुआ यूं कि वीरवार सुबह एक महिला बैंक में नोटों को जमा करवाने पहुंची थी कि इसी दौरान लाइनों में खड़े कुछ युवकों ने तंज कसते हुए महिला की मनी को कालाधन बताना शुरू कर दिया। कुछ देर तक महिला युवकों की बातों को अनसुना करती रही। लेकिन, बावजूद इसके युवक हंसी मजाक करते रहे। इस पर महिला भड़क गई और युवकों को जमकर खरीखोटी सुनाई। इस पर युवकों ने मौके से खिसकने में ही भलाई समझी। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने भी लोगों से शांति बनाने की अपील की।

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