{"_id":"57ae10bf4f1c1be060ee44dc","slug":"dead-after-snake-bite","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्पदंश से मासूम की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्पदंश से मासूम की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला/बंगाणा
Updated Fri, 12 Aug 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
रिटायर फौजी इंद्र सिंह को साल में तीन से चार बार सर्पदंश की पीड़ा झेलनी पड़ती थी। यह सिलसिला 1991 से शुरू हुआ और 2010 तक चला। वर्ष 1991 में पहली बार इंद्रसिंह को ड्यूटी के दौरान सांप ने डसा। इसके बाद यूपी, पुंछ, राजौरी और किन्नौर समेत कई जगहों पर ड्यूटी के दौरान उन्हें सर्प दंश झेलना पड़ा। मगर हर बार इंद्रसिंह की जान बचती रही।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंगाणा (ऊना)। क्षेत्र के गांव तनोह में सर्पदंश से सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान जगवीर सिंह पुत्र किशोरी लाल निवासी तनोह के रूप में हुई। जानकारी के मुताबिक जगवीर सिंह गत रात घर में आंगन में खेल रहा था कि इसी दौरान उसे जहरीले सांप ने डस लिया।
विज्ञापन
हालत बिगड़ने पर परिजन बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि जिले में सर्पदंश के मामलों में वृद्धि हो रही है, जो चिंताजनक है।
विज्ञापन