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Una News: मालवाहक वाहनों में ठूंस-ठूंसकर यात्रा, नियमों की खुलेआम अनदेखी
Sun, 29 Mar 2026 06:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 29 Mar 2026 06:24 AM IST
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चकसराय (ऊना)। चैत्र माह के पावन अवसर पर बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध के दर्शन के लिए बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिमाचल की ओर रुख कर रहे हैं। आस्था के इस बढ़ते सैलाब के बीच सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। ताजा मामला अंब-ऊना राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामने आया, जहां एक मालवाहक वाहन में क्षमता से कहीं अधिक श्रद्धालु सवार होकर जोखिम भरा सफर करते नजर आए।
एक छोटे मालवाहक वाहन के पिछले हिस्से में बनाए गए अस्थायी ढांचे में महिलाएं, पुरुष और बच्चे बेहद खतरनाक तरीके से ठूंस-ठूंसकर बैठे हुए थे। कई लोग वाहन के किनारों से लटके हुए थे, जिनके पास किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। यह दृश्य न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाता है बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका को भी जन्म देता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार चैत्र माह के दौरान इस तरह के नजारे आम हो जाते हैं, जब श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ जाती है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कई बार चेतावनी जारी की जा चुकी है लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी लगातार जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने पर प्रतिबंध लगा रखा है, फिर भी सस्ते और सुविधाजनक सफर के चलते लोग अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। पुलिस और परिवहन विभाग समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई भी कर रहे हैं लेकिन इसका असर सीमित ही दिखाई दे रहा है।
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स्थानीय नागरिक राधेश्याम का कहना है कि तेज रफ्तार राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस प्रकार की लापरवाही कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन को और अधिक सख्ती बरतने की आवश्यकता है। पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। नियमों के पालन को लेकर लोग भी अपनी जिम्मेदारी को समझें, तभी कानून व्यवस्था शत प्रतिशत सुनिश्चित हो पाएगी।
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एक छोटे मालवाहक वाहन के पिछले हिस्से में बनाए गए अस्थायी ढांचे में महिलाएं, पुरुष और बच्चे बेहद खतरनाक तरीके से ठूंस-ठूंसकर बैठे हुए थे। कई लोग वाहन के किनारों से लटके हुए थे, जिनके पास किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। यह दृश्य न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाता है बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका को भी जन्म देता है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार चैत्र माह के दौरान इस तरह के नजारे आम हो जाते हैं, जब श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ जाती है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कई बार चेतावनी जारी की जा चुकी है लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी लगातार जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने पर प्रतिबंध लगा रखा है, फिर भी सस्ते और सुविधाजनक सफर के चलते लोग अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। पुलिस और परिवहन विभाग समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई भी कर रहे हैं लेकिन इसका असर सीमित ही दिखाई दे रहा है।
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स्थानीय नागरिक राधेश्याम का कहना है कि तेज रफ्तार राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस प्रकार की लापरवाही कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन को और अधिक सख्ती बरतने की आवश्यकता है। पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। नियमों के पालन को लेकर लोग भी अपनी जिम्मेदारी को समझें, तभी कानून व्यवस्था शत प्रतिशत सुनिश्चित हो पाएगी।