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सीएमओ ने बीएमओ से तलब की रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
Updated Sun, 14 Feb 2016 11:09 PM IST
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चिंतपूर्णी अस्पताल में लाखों रुपये की दवाओं के एक्सपायर होने एवं दवाओं को नष्ट करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इससे समस्त स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
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लाखों की दवाएं बर्बाद होने के बाद अब विभाग की नींद खुल गई है और विभाग ने पूरे जिले में स्थित अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों में दवाओं के स्टॉक की जांच करने का फैसला लिया है। इससे सरकारी खाते से आने वाली दवाओं की बर्बादी को रोका जा सकेगा। सीएमओ डॉ. एके गुप्ता ने जिले के समस्त बीएमओ से जल्द दवाओं के स्टॉक की जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इससे सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की खपत और बचत के सही आंकड़े सामने आ सकेंगे। उन्होंने किन क्षेत्रों में कितना स्टॉक, कब दवाएं इक्सपायर होंगी, इसकी पूरी रिपोर्ट जल्द सौंपने को कहा है।
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उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चिंतपूर्णी में सामने आए मामले में कई ऐसी एक्सपायर दवाएं भी बरामद की गई हैं, जिन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मरीजों को आवंटित दिखा दिया गया। लेकिन, असल में उक्त दवाएं अस्पताल के स्टोर में ही पड़ी-पड़ी एक्सपायर हो गईं। इसके साथ ही कई ऐसी दवाएं भी कूड़ेदान से बरामद की गईं जो अभी तक एक्सपायर हुई ही नहीं थीं। इससे जहां विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया, वहीं सरकारी खजाने में भी लाखों रुपये का चूना लगा है। सीएमओ डा. एके गुप्ता ने बताया जिले के समस्त बीएमओ से आंकड़ों सहित दवाइयों के स्टॉक की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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