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चिंतपूर्णी अस्पताल में विभागीय टीम की दबिश
ब्यूरो/ अमर उजाला, ऊना
Updated Tue, 16 Feb 2016 11:45 PM IST
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चिंतपूणी (ऊना)। सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी में लाखों रुपये की एक्सपायर जीवन रक्षक दवाओं को नष्ट करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर अस्पताल में दबिश दी। विभाग ने इस मामले की जांच तेज कर दी है।
मंगलवार को जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. निखिल के नेतृत्व में गठित विभागीय टीम ने अस्पताल में दबिश दी। इस दौरान स्वास्थ्य टीम ने सील किए गए स्टोर को ताला खोल कर रिकार्ड एवं दवाइयों की जांच की। वहीं, जांच के दौरान हेड फार्मासिस्ट के एंट्री रजिस्टर में कई खामियां पाई गईं। लगभग सात घंटे चले कार्रवाई के दौरान टीम ने कई दस्तावेजों को भी अपने में कब्जे मेें लेकर जांच की। इससे अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान टीम ने कई स्टॉक में कई अनियमितताएं भी पाई हैं।
सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में ऐसी दवाएं भी पाई गईं, जो रिकार्ड में ही नहीं थीं। इसमें कई जीवन रक्षक दवाएं रिकार्ड में मरीजों को बांट दी गई हैं, लेकिन दवाएं अस्पताल के स्टोर में ही खराब हो गईं। गौर हो कि बीते दिनों सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी में लाखों रुपये की दवाएं स्टोर में पड़ी-पड़ी ही एक्सपायर होने और दवाओं को नष्ट करने का मामला सामने आया था। इतना ही नहीं, इन दवाओं में कुछ ऐसी दवाएं भी फेंक दी गईं, जिनकी एक्सपायरी डेट अभी अप्रैल माह के बाद होनी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल ने बताया कि पूरे स्टॉक को विस्तृत रूप से जांचा जा रहा। इसके बाद पूरी रिपोर्ट सीएमओ को प्रेषित की जाएगी। दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नियमानुसार अमल में लाई जाएगी।
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मंगलवार को जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. निखिल के नेतृत्व में गठित विभागीय टीम ने अस्पताल में दबिश दी। इस दौरान स्वास्थ्य टीम ने सील किए गए स्टोर को ताला खोल कर रिकार्ड एवं दवाइयों की जांच की। वहीं, जांच के दौरान हेड फार्मासिस्ट के एंट्री रजिस्टर में कई खामियां पाई गईं। लगभग सात घंटे चले कार्रवाई के दौरान टीम ने कई दस्तावेजों को भी अपने में कब्जे मेें लेकर जांच की। इससे अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान टीम ने कई स्टॉक में कई अनियमितताएं भी पाई हैं।
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सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में ऐसी दवाएं भी पाई गईं, जो रिकार्ड में ही नहीं थीं। इसमें कई जीवन रक्षक दवाएं रिकार्ड में मरीजों को बांट दी गई हैं, लेकिन दवाएं अस्पताल के स्टोर में ही खराब हो गईं। गौर हो कि बीते दिनों सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी में लाखों रुपये की दवाएं स्टोर में पड़ी-पड़ी ही एक्सपायर होने और दवाओं को नष्ट करने का मामला सामने आया था। इतना ही नहीं, इन दवाओं में कुछ ऐसी दवाएं भी फेंक दी गईं, जिनकी एक्सपायरी डेट अभी अप्रैल माह के बाद होनी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल ने बताया कि पूरे स्टॉक को विस्तृत रूप से जांचा जा रहा। इसके बाद पूरी रिपोर्ट सीएमओ को प्रेषित की जाएगी। दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नियमानुसार अमल में लाई जाएगी।
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