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दहकने लगे कुटलैहड़ के जंगल, करोड़ों की वन संपदा जली
ब्यूरो, अमर उजाला, बंगाणा (ऊना)
Updated Tue, 03 May 2016 10:35 PM IST
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कुटलैहड़ के जंगल में आग
- फोटो : अमर उजाला
कुटलैहड़ के जंगलों में आग ही आग फैली हुई है। हालत ऐसे हैं कि सोलहसिंगी धार के जंगलों सहित अन्य जंगलों की में करोड़ों की वन संपदा जलकर राख हो चुकी हैं। जंगलों में आश्रय लेने वाले पशु, पक्षी भी आग की भेंट चढ़ गए हैं। जंगलों में आग लगने से क्षेत्र का तापमान भी बढ़ गया है। बंगाणा क्षेत्र के जंगल क्षेत्र में आग की लपटें और धुआं ही धुआं देखने को मिल रहा है। यह सिलसिला पिछले 20 दिनों से लगातार जारी है।
क्षेत्र के सोलहसिंगी धार के पिपलू, खोट, रामगढ़ धार के ककराणा, कबाड़ी, सनहाल, तलाई सहित कई जंगलों की वन संपदा, जीव-जंतुओं सहित जंगली जानवर भी जल गए हैं। क्षेत्र के निवासियों नरेंद्र, सतपाल, रशपाल, विशाल, सुखदेव सिंह, निक्कू, यशपाल, प्रीतम चंद, वतन चंद, सोहना, सुषमा देवी का कहना है कि यदि वन विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाए तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता है। लेकिन विभागीय अधिकारी इस मामले में संजीदा नहीं हैं।
उधर, वन विभाग के डीएफओ आरके डोगरा का कहना है वन विभाग सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति जंगल में आग लगाते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इंद्र देवता पर टिकी निगाह
जिला में लंबे अरसे से बारिश न होने से भी समस्या पैदा हो गई है। यदि समय रहते बारिश होती है, तो जंगलों में सुलग रही आग से लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि मंगलवार को दिनभर हल्के बादल भी छाए रहे, लेकिन देर शाम तक बारिश न होने से लोगों में चिंता की लकीरें छाई हुई हैं।
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क्षेत्र के सोलहसिंगी धार के पिपलू, खोट, रामगढ़ धार के ककराणा, कबाड़ी, सनहाल, तलाई सहित कई जंगलों की वन संपदा, जीव-जंतुओं सहित जंगली जानवर भी जल गए हैं। क्षेत्र के निवासियों नरेंद्र, सतपाल, रशपाल, विशाल, सुखदेव सिंह, निक्कू, यशपाल, प्रीतम चंद, वतन चंद, सोहना, सुषमा देवी का कहना है कि यदि वन विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाए तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता है। लेकिन विभागीय अधिकारी इस मामले में संजीदा नहीं हैं।
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उधर, वन विभाग के डीएफओ आरके डोगरा का कहना है वन विभाग सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति जंगल में आग लगाते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इंद्र देवता पर टिकी निगाह
जिला में लंबे अरसे से बारिश न होने से भी समस्या पैदा हो गई है। यदि समय रहते बारिश होती है, तो जंगलों में सुलग रही आग से लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि मंगलवार को दिनभर हल्के बादल भी छाए रहे, लेकिन देर शाम तक बारिश न होने से लोगों में चिंता की लकीरें छाई हुई हैं।