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वन भूमि पर अवैध खनन बेधड़क जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
जोल (ऊना)। सोहारी-जोल संपर्क मार्ग पर कथित रूप से वन भूमि से अवैध तरीके से हजारों क्यूबिक मीटर खनिज निकालने का मामला सामने आया है। हालांकि इसकी शिकायत एक माह पहले विभाग को दी थी। इसके बाजूवद विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके चलते पर्यावरण प्रेमियों में विभाग के प्रति गहरा रोष है।
गौरतलब है कि इसी जगह से पहले भी एक ठेकेदार ने अवैध रूप से खनिज निकाला था। शिकायत के बाद विभाग ने कार्यवाही करते हुए उससे प्रति क्यूबिक मीटर की दर से जुर्माना वसूला था।
अब सड़क को चौड़ा करने के नाम पर मशीनों की मदद से मलबा उठा कर सड़क निर्माण में प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि यहां सड़क की जितनी चौड़ाई की आवश्यकता है उसके बजाय खनिज की आवश्यकता के अनुपात में पहाड़ी को काटा गया है। ग्रामीणों ने विभाग से ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संबंधित वन रेंज अधिकारी ने इस पर कार्यवाही को आश्वस्त किया था लेकिन एक माह के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई न करने से लोग सवाल उठा रहे हैं। इस बारे में वनरक्षक तरसेम ने कहा कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। उनके निर्देशानुसार कार्रवाई के लिए जमीन की निशानदेही होनी थी जो अभी नहीं हो पाई है।
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बीओ आधारित टीम करेगी जांच
आरओ संदीप कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें गलत तरीके से दी गयी थी। अब वनरक्षक की बजाय बीओ फारेस्ट पर आधारित टीम जांच करेगी। जांच के बाद अगर कुछ गलत पाया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लेटलतीफी की होगी जांच : डीएफओ
डीएफओ ऊना युशुदीप सिंह ने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि क्यों मामले में कार्रवाई को लेकर देरी की गयी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सही क्यों नहीं दी गई, इस बारे भी जवाबतलबी की जाएगी। उन्होंने कहा कि उक्त मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जोल (ऊना)। सोहारी-जोल संपर्क मार्ग पर कथित रूप से वन भूमि से अवैध तरीके से हजारों क्यूबिक मीटर खनिज निकालने का मामला सामने आया है। हालांकि इसकी शिकायत एक माह पहले विभाग को दी थी। इसके बाजूवद विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके चलते पर्यावरण प्रेमियों में विभाग के प्रति गहरा रोष है।
गौरतलब है कि इसी जगह से पहले भी एक ठेकेदार ने अवैध रूप से खनिज निकाला था। शिकायत के बाद विभाग ने कार्यवाही करते हुए उससे प्रति क्यूबिक मीटर की दर से जुर्माना वसूला था।
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अब सड़क को चौड़ा करने के नाम पर मशीनों की मदद से मलबा उठा कर सड़क निर्माण में प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि यहां सड़क की जितनी चौड़ाई की आवश्यकता है उसके बजाय खनिज की आवश्यकता के अनुपात में पहाड़ी को काटा गया है। ग्रामीणों ने विभाग से ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संबंधित वन रेंज अधिकारी ने इस पर कार्यवाही को आश्वस्त किया था लेकिन एक माह के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई न करने से लोग सवाल उठा रहे हैं। इस बारे में वनरक्षक तरसेम ने कहा कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। उनके निर्देशानुसार कार्रवाई के लिए जमीन की निशानदेही होनी थी जो अभी नहीं हो पाई है।
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बीओ आधारित टीम करेगी जांच
आरओ संदीप कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें गलत तरीके से दी गयी थी। अब वनरक्षक की बजाय बीओ फारेस्ट पर आधारित टीम जांच करेगी। जांच के बाद अगर कुछ गलत पाया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लेटलतीफी की होगी जांच : डीएफओ
डीएफओ ऊना युशुदीप सिंह ने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि क्यों मामले में कार्रवाई को लेकर देरी की गयी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सही क्यों नहीं दी गई, इस बारे भी जवाबतलबी की जाएगी। उन्होंने कहा कि उक्त मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।