फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   सट्टे के काले कारोबार पर होगी ईडी की नजर

सट्टे के काले कारोबार पर होगी ईडी की नजर

Tue, 05 Dec 2017 06:23 PM IST
Updated Tue, 05 Dec 2017 06:23 PM IST
विज्ञापन
सट्टे के काले कारोबार पर होगी ईडी की नजर

शशिभूषण पुरोहित

विज्ञापन

ऊना।
करोड़ों रुपये के सट्टे के काले कारोबार पर अब ईडी और इनकम टैक्स भी नजर रखेंगे। जिला पुलिस ने सट्टे के इस काले धंधे को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रवर्तन निदेशालय समेत आयकर विभाग की मदद लेने की योजना बनाई है।

ऊना और सीमांत क्षेत्रों में सक्रिय सट्टेबाज अब पुलिस समेत केंद्रीय एजेंसियों की नजर में होंगे। वहीं, जिला पुलिस ने तीन महीने के भीतर सट्टेबाजी में संलिप्त 80 लोगों पर मामले दर्ज किए हैं। जबकि ऐसे दस ठिकानों को जब्त किया है, जहां से करोड़ों का यह गोलमाल चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि अकेले जिला ऊना में रोजाना लाखों का सट्टा खेला जाता है। महीने भर में यहां से दिल्ली और मुंबई स्थित बड़े सट्टेबाज करोड़ों रुपयों की चांदी कूट रहे हैं।
विज्ञापन


यही पैसा देश के खिलाफ कई तरह के आपराधिक षड्यंत्रों में भी इस्तेमाल हो रहा है। जिला पुलिस ने एसपी संजीव गांधी के नेतृत्व में छेड़े अभियान के तहत ऐसे सटोरियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की है, जो आम लोगों को प्रलोभन देकर इस अवैध धंधे में झोंक रहे हैं। हैरत की बात है कि केंद्रीय एजेंसियों की नाक तले करोड़ों का काला कारोबार फल-फूल रहा है, जो ईडी और इनकम टैक्स की नजर में नहीं आता। सूत्र बताते हैं कुछ सट्टेबाजों को बचाने में कई पुलिस कर्मियों की भी संलिप्ता हो सकती है। जिला पुलिस ने अब ऐसे मामलों की सूचना ईडी को और आयकर विभाग को देने का मन बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सट्टे के कई अड्डे पुलिस ने किए जब्त : गांधी
एसपी संजीव गांधी ने कहा कि पुलिस सट्टे के काले कारोबार को जड़ से खत्म करने में जुटी है। उन्होंने बताया कि महज तीन महीने के भीतर 80 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि दस ठिकानों को जब्त कर सख्त कार्रवाई की जा रही है। नवंबर में 24 मामलों पर कार्रवाई हुई है। सट्टेबाजों को बचाने में कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की शिकायत भी मिली है। इस पर कड़ाई से जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस बड़े और संवेदनशील मामलों में ईडी और इनकम टैक्स की मदद लेने की भी सोच रही है। ताकि इस धंधे का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

पंजाब पुलिस से साथा संपर्क
सट्टे का ये काला कारोबार पंजाब से लेकर हिमाचल के सीमांत जिलों तक फैला है। जिला पुलिस इस अभियान को सफल बनाने के लिए पंजाब पुलिस की भी मदद ले रही है। एसपी संजीव गांधी ने बताया कि ऐेसे मामलों में एसपी रोपड़ भी मदद कर रहे हैं।

नकद में हो रहा लेन-देन
सट्टे के कारोबार में धरे एक व्यक्ति ने खुलासा किया कि पहले ई-बैंकिंग से बड़े मामलों का लेन-देन किया जाता था। लेकिन पुलिस की सतर्कता बढ़ने से अब नकद में सारा कारोबार किया जाता है। सट्टा एक रुपये से लेकर एक करोड़ या अधिक तक भी लगाया जा सकता है।

1 से लेकर 9 तक मुंडा और आगे घर कोड वर्ड
सट्टे के धंधे में कई तरह के कोर्ड वर्ड हैं। इनमें पैसा लगाने वाले को लाईवाल तो पैसा लेने वाले को खाईवाल कहा जाता है। अंक 1 से लेकर 9 तक मुंडा के नाम से जाने जाते हैं, जबकि 10 से लेकर 100 तक के अंक घर के नाम से मशहूर हैं। जबकि कोई विशेष अंक पर सट्टा लगाने वाले उसे आखर के नाम से भी पुकारते हैं।


सोमवार का लक्की नंबर रहा 30
सट्टे का पूरा कारोबार नंबरों पर चलता है। किसी एक नंबर को चुनकर रकम दांव पर लगाई जाती है। दिलचस्प बात यह है कि सट्टा बाजार में एक रुपये का सट्टा लगाने पर 90 रुपये मिलते हैं। सोमवार को 30 नंबर जुआरियों के लिए लक्की रहा। सूत्रों के मुताबिक जिला ऊना में दिन में तीन बार सट्टा लगता है। तीनों बार अलग-अलग लक्की नंबर होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed