{"_id":"57a386db4f1c1bb17b2b91b4","slug":"creamation","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साथ जली मां-बेटे की चिता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साथ जली मां-बेटे की चिता
ब्यूरो/अमर उजाला/दालतपुर चाक
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
fire
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छह वर्षीय मासूम बेटे के साथ जहर खाकर अपनी जान देने वाले मां-बेटे का वीरवार को मवा कोहलां में नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। कॉमर्स में पीएचडी सपना ने बुधवार को दोपहर बाद पैतृक घर में बेटे सहित जहर खा लिया था। पता चलने पर उन्हें उसके परिजन दौलतपुर चौक के एक निजी अस्पताल लाए, लेकिन वहां दोनों मां-बेटे की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें जालंधर के लिए रेफर किया गया। लेकिन, गगरेट में रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
वीरवार सुबह पोस्टमार्टम करवाने के बाद पुलिस ने मां-बेटे के शव परिजनों को सौंप दिए। 2012 में वैवाहिक संबंध टूटने और तलाक लेने के वाद शिक्षाविद् डॉ. सपना ने बेटे के पालन-पोषण को अपने पिता के घर रहने का फैसला लिया। फिर बेटे की खातिर नौकरी करने का निर्णय लिया और पंजाब के एक नामी स्कूल में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं। हाल ही में उसका चयन डल्हौजी के एक स्कूल में हुआ था। सपना वहां नौकरी करने के लिए अपने बेटे को भी साथ रखने को घर मवा कोहलां आई थी। सूत्रों से पता चला है कि सपना अपनी योग्यता के आधार पर हर सरकारी नौकरी के लिए फॉर्म भरती थी, जिसका उसे पता चलता। लेकिन, इतनी पढ़ी लिखी होने के बावजूद सरकारी नौकरी न मिलने का उसे दुख था। इसके अलावा कहीं न कहीं एकाकी जीवन भी इस हादसे का सबब बना। उधर, चौकी प्रभारी हरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। सपना और उसके बेटे की मौत के कारणों की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।
विज्ञापन