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पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
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ऊना। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश प्रीति ठाकुर ने अरुण कुमार पुत्र खुशहाल सिंह निवासी ऊना, वार्ड नंबर 4 मलाहत को पत्नी नेहा की हत्या करने का दोषी पाया।
उप जिला न्यायवादी संजय पंडित बताया कि अरुण का नेहा से 28 जनवरी, 2016 को हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह हुआ। शादी के कुछ समय तक सब कुछ ठीक-ठाक था। इस बीच अरुण पत्नी के मायके से संबंधित एक व्यक्ति पर शक करने लगा। उसकी पत्नी उक्त व्यक्ति से फोन पर काफी समय से बात करती थी। इसी शक की वजह से शादी के केवल सात माह बाद ही 15 जुलाई, 2016 को अरुण अपनी दुकान से दिन के समय घर आया। उस समय नेहा सफाई कर रही थी।
अरुण घर में चुपके से दीवार फांद कर घुसा और लड़ाई का बहाना कर उक्त युवक के बारे में पूछताछ करने लगा। दोनों में बहस तेज हो गई। इसी दौरान अरुण दूसरे कमरे से कैंची लेकर आया और नेहा पर कई वार कर दिए। नेहा को इस दौरान गले और पेट में गहरे घाव हो गए। इससे उसकी मौत हो गई। नेहा जिस युवक से फोन पर बात करती थी, उसने इस घटना से तीन माह से पहले नेहा के खाते में 10 हजार रुपये भी जमा करवाए थे। इससे अरुण का शक और भी गहरा हो गया था।
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उप जिला न्यायवादी ने बताया कि अरुण ने पत्नी की हत्या के बाद खून साफ किया। कैंची धोई और खून से सनी अपनी कमीज को कॉलेज के समीप छुपा दिया। अरुण को हत्या के आरोप में आईपीसी 302 में आजीवन कारावास तथा साक्ष्यों को मिटाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना तथा तीन साल का कारावास दिया गया है। साथ ही उसे धारा 201 के तहत 5 हजार अतिरिक्त जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास झेलना पड़ेगा।
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उप जिला न्यायवादी संजय पंडित बताया कि अरुण का नेहा से 28 जनवरी, 2016 को हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह हुआ। शादी के कुछ समय तक सब कुछ ठीक-ठाक था। इस बीच अरुण पत्नी के मायके से संबंधित एक व्यक्ति पर शक करने लगा। उसकी पत्नी उक्त व्यक्ति से फोन पर काफी समय से बात करती थी। इसी शक की वजह से शादी के केवल सात माह बाद ही 15 जुलाई, 2016 को अरुण अपनी दुकान से दिन के समय घर आया। उस समय नेहा सफाई कर रही थी।
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अरुण घर में चुपके से दीवार फांद कर घुसा और लड़ाई का बहाना कर उक्त युवक के बारे में पूछताछ करने लगा। दोनों में बहस तेज हो गई। इसी दौरान अरुण दूसरे कमरे से कैंची लेकर आया और नेहा पर कई वार कर दिए। नेहा को इस दौरान गले और पेट में गहरे घाव हो गए। इससे उसकी मौत हो गई। नेहा जिस युवक से फोन पर बात करती थी, उसने इस घटना से तीन माह से पहले नेहा के खाते में 10 हजार रुपये भी जमा करवाए थे। इससे अरुण का शक और भी गहरा हो गया था।
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उप जिला न्यायवादी ने बताया कि अरुण ने पत्नी की हत्या के बाद खून साफ किया। कैंची धोई और खून से सनी अपनी कमीज को कॉलेज के समीप छुपा दिया। अरुण को हत्या के आरोप में आईपीसी 302 में आजीवन कारावास तथा साक्ष्यों को मिटाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना तथा तीन साल का कारावास दिया गया है। साथ ही उसे धारा 201 के तहत 5 हजार अतिरिक्त जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास झेलना पड़ेगा।