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Una News: पेमेंट का भुगतान न होने से खफा ठेकेदारों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
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बिलों का भुगतान न होन के चलते रोष प्रदर्शन करते ठेकेदार।संवाद
- फोटो : जिला अस्पताल के वार्ड नंबर चार में दोनों एसी बंद होने से गर्मी से परेशान भर्ती मरीज। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। करोड़ों रुपये की राशि का भुगतान न होने से खफा ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बुधवार को ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन ऊना ने सर्किट हाउस में बैठक की। इसमें सरकार की ओर से पेमेंट अदायगी न किए जाने पर ठेकेदारों ने नाराजगी व्यक्त की। ठेकेदार एसोसिएशन ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 15 अप्रैल तक पेमेंट का भुगतान न किया गया तो 16 अप्रैल से चल रहे सभी विकास कार्य बंद कर दिए जाएंगे। यही नहीं सरकारी विभागों की मशीनरी की मरम्मत भी नहीं की जाएगी। कोई भी ठेकेदार काम नहीं करेगा। इसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
एसोसिएशन ने प्रशासन के माध्यम से सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी प्रेषित किया है। वहीं, ऊना विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा को भी ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर, ओपी धीमान, प्रेमपाल सिंह रायजादा, राजीव मनन, रम्मी कपिला, राज कुमार, संत कुमार, विकास शर्मा, वरुण मैहन, आकाश कुमार सहित अन्य ठेकेदारों ने कहा कि लंबे समय से ठेकेदारों की पेमेंट का भुगतान नहीं हो पाया है।
विकास कार्यों को खत्म किए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें पेमेंट नहीं दी गई है। 31 मार्च को ठेकेदारों को आस थी कि सरकार उनकी पेमेंट का भुगतान करेगी, लेकिन 31 मार्च को भी निराशा ही हाथ लगी है। ठेकेदारों ने बैंक से लोन लेकर या किसी से पैसे उधार लेकर काम में लगाए हैं, लेकिन अब बैंक वाले भी परेशान कर रहे हैं।
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जिन दुकानों से सरिया-सीमेंट और अन्य सामान उधार पर खरीदा है, दुकानदार भी अब पैसे मांग रहे हैं। ठेकेदारों की हालत खराब हो चुकी है। लंबे समय से पेमेंट न मिलने से उन्हें परिवारों का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
बार-बार पेमेंट को लेकर जल शक्ति व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मिले, लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। पैसों की तंगी के कारण कई ठेकेदार मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। कई ठेकेदारों ने तो अपनी सारी जमा पूंजी विकास कार्यों को मुक्कमल करने में खर्च दी है, अब खाली होकर बैठे हैं।
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ऊना। करोड़ों रुपये की राशि का भुगतान न होने से खफा ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बुधवार को ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन ऊना ने सर्किट हाउस में बैठक की। इसमें सरकार की ओर से पेमेंट अदायगी न किए जाने पर ठेकेदारों ने नाराजगी व्यक्त की। ठेकेदार एसोसिएशन ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 15 अप्रैल तक पेमेंट का भुगतान न किया गया तो 16 अप्रैल से चल रहे सभी विकास कार्य बंद कर दिए जाएंगे। यही नहीं सरकारी विभागों की मशीनरी की मरम्मत भी नहीं की जाएगी। कोई भी ठेकेदार काम नहीं करेगा। इसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
एसोसिएशन ने प्रशासन के माध्यम से सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी प्रेषित किया है। वहीं, ऊना विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा को भी ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर, ओपी धीमान, प्रेमपाल सिंह रायजादा, राजीव मनन, रम्मी कपिला, राज कुमार, संत कुमार, विकास शर्मा, वरुण मैहन, आकाश कुमार सहित अन्य ठेकेदारों ने कहा कि लंबे समय से ठेकेदारों की पेमेंट का भुगतान नहीं हो पाया है।
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विकास कार्यों को खत्म किए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें पेमेंट नहीं दी गई है। 31 मार्च को ठेकेदारों को आस थी कि सरकार उनकी पेमेंट का भुगतान करेगी, लेकिन 31 मार्च को भी निराशा ही हाथ लगी है। ठेकेदारों ने बैंक से लोन लेकर या किसी से पैसे उधार लेकर काम में लगाए हैं, लेकिन अब बैंक वाले भी परेशान कर रहे हैं।
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जिन दुकानों से सरिया-सीमेंट और अन्य सामान उधार पर खरीदा है, दुकानदार भी अब पैसे मांग रहे हैं। ठेकेदारों की हालत खराब हो चुकी है। लंबे समय से पेमेंट न मिलने से उन्हें परिवारों का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
बार-बार पेमेंट को लेकर जल शक्ति व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मिले, लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। पैसों की तंगी के कारण कई ठेकेदार मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। कई ठेकेदारों ने तो अपनी सारी जमा पूंजी विकास कार्यों को मुक्कमल करने में खर्च दी है, अब खाली होकर बैठे हैं।