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Una News: कर्मचारियों और पेंशनरों को बांटने का प्रयास कर रही कांग्रेस सरकार
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भाजपा सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ ने लगाया आरोप
लंबित पेंशन एरियर के शेष 30 प्रतिशत भुगतान से संबंधित अधिसूचना पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार पेंशन के मुद्दे पर कर्मचारियों और पेंशनरों को आपस में बांटने का काम कर रही है। यह आरोप भाजपा सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक राजीव वशिष्ट, पूर्व कर्मचारी नेता यशपाल रायजादा, अजय पराशर, शिव मैहन, हरगोविंद, ठाकुर प्रकाश चंद और ठाकुर किशन चंद ने वीरवार को जारी प्रेस बयान में लगाए। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को लंबित पेंशन एरियर के शेष 30 प्रतिशत भुगतान से संबंधित अधिसूचना को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह राजनीतिक सोच से प्रेरित है और इसके माध्यम से पेंशनरों को वर्गों में बांटने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों के करोड़ों रुपये दबाकर बैठी है।
1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को इस अधिसूचना का कोई लाभ नहीं मिलेगा, जबकि इस अवधि में सेवानिवृत्त अधिकांश कर्मचारी अभी 70 वर्ष की आयु भी पूरी नहीं कर पाए हैं। इसके परिणामस्वरूप हजारों पेंशनर्स अपने वैधानिक वित्तीय अधिकारों से वंचित हैं। 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 तथा उसके बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन का लाभ आज तक नहीं मिल पाया है। इससे 35 हजार से अधिक पेंशनर्स प्रभावित हैं। इनमें से लगभग 1800 पेंशनर्स ऐसे हैं, जो अपने वित्तीय लाभ प्राप्त किए बिना ही इस दुनिया से विदा हो चुके हैं।
मजबूरीवश पेंशनर्स को अपने अर्जित धन की प्राप्ति के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी पेंशनर्स को बिना किसी भेदभाव के उनके लंबित वित्तीय लाभ शीघ्र जारी किए जाएं।
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लंबित पेंशन एरियर के शेष 30 प्रतिशत भुगतान से संबंधित अधिसूचना पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार पेंशन के मुद्दे पर कर्मचारियों और पेंशनरों को आपस में बांटने का काम कर रही है। यह आरोप भाजपा सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक राजीव वशिष्ट, पूर्व कर्मचारी नेता यशपाल रायजादा, अजय पराशर, शिव मैहन, हरगोविंद, ठाकुर प्रकाश चंद और ठाकुर किशन चंद ने वीरवार को जारी प्रेस बयान में लगाए। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को लंबित पेंशन एरियर के शेष 30 प्रतिशत भुगतान से संबंधित अधिसूचना को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह राजनीतिक सोच से प्रेरित है और इसके माध्यम से पेंशनरों को वर्गों में बांटने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों के करोड़ों रुपये दबाकर बैठी है।
1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को इस अधिसूचना का कोई लाभ नहीं मिलेगा, जबकि इस अवधि में सेवानिवृत्त अधिकांश कर्मचारी अभी 70 वर्ष की आयु भी पूरी नहीं कर पाए हैं। इसके परिणामस्वरूप हजारों पेंशनर्स अपने वैधानिक वित्तीय अधिकारों से वंचित हैं। 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 तथा उसके बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन का लाभ आज तक नहीं मिल पाया है। इससे 35 हजार से अधिक पेंशनर्स प्रभावित हैं। इनमें से लगभग 1800 पेंशनर्स ऐसे हैं, जो अपने वित्तीय लाभ प्राप्त किए बिना ही इस दुनिया से विदा हो चुके हैं।
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मजबूरीवश पेंशनर्स को अपने अर्जित धन की प्राप्ति के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी पेंशनर्स को बिना किसी भेदभाव के उनके लंबित वित्तीय लाभ शीघ्र जारी किए जाएं।
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