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मकरैड़ में शेडनुमा मकान के साथ नकदी जली, आठ मवेशी मरे
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बंगाणा (ऊना)। क्षेत्र के मकरैड़ गांव में मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे शेडनुमा मकान जलकर राख हो गया। घटना में मकान के एक कमरे में बांधे दो बकरियां और छह मेमने जिंदा जल गए। कुछ मवेशी बचा लिए गए। आग लगने के कारण साफ नहीं हो पाए हैं। घटना में करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे कर्म सिंह निवासी मकरैड़ के शेडनुमा मकान में आग लग गई। वह इसके एक कमरे में खुद रहता था। दूसरे कमरे केे पशुशाला के तौर पर उपयोग करता था। कर्म चंद सुबह आठ बजे बकरियों को चराने के लिए जंगल चला जाता है और शाम को पांच बजे के करीब घर लौटता है। मंगलवार सुबह भी 56 बकरियों को लेकर जंगल चराने के लिए चला गया। दो बकरियां और छह उनके बच्चे घर पर ही थे। दोपहर बाद लगी आग को देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पशुशाला में बंधे कुछ मवेशी बाहर निकाले।
आग भड़कने के कारण बकरियों और उनके बच्चों को नहीं बचा सके। देखते ही देखते मकान जलकर राख हो गया।
मकान में लगी आग से 87 हजार रुपये नकदी भी जल गई। पीड़ित कर्म सिंह के पास कोई फोन नहीं है और न ही उससे कोई संपर्क हो पा रहा था। ऐसे में वह जब वह घर लौटा तो देखकर दंग रह गया। पंचायत प्रधान गुरनाम सिंह ने बताया कि पीड़ित कर्म चंद गांव मकरैड़ के पास लगभग 62 बकरियां हैं। एक कमरा रिहायशी और एक पशुशाला का है।
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उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्म सिंह की आर्थिक मदद की जाए। इस संबंध में एसडीएम विशाल शर्मा ने बताया कि मामला ध्यान में आया है। संबंधित पटवारी को नुकसान का आकलन करने के लिए कहा गया है।
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मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे कर्म सिंह निवासी मकरैड़ के शेडनुमा मकान में आग लग गई। वह इसके एक कमरे में खुद रहता था। दूसरे कमरे केे पशुशाला के तौर पर उपयोग करता था। कर्म चंद सुबह आठ बजे बकरियों को चराने के लिए जंगल चला जाता है और शाम को पांच बजे के करीब घर लौटता है। मंगलवार सुबह भी 56 बकरियों को लेकर जंगल चराने के लिए चला गया। दो बकरियां और छह उनके बच्चे घर पर ही थे। दोपहर बाद लगी आग को देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पशुशाला में बंधे कुछ मवेशी बाहर निकाले।
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आग भड़कने के कारण बकरियों और उनके बच्चों को नहीं बचा सके। देखते ही देखते मकान जलकर राख हो गया।
मकान में लगी आग से 87 हजार रुपये नकदी भी जल गई। पीड़ित कर्म सिंह के पास कोई फोन नहीं है और न ही उससे कोई संपर्क हो पा रहा था। ऐसे में वह जब वह घर लौटा तो देखकर दंग रह गया। पंचायत प्रधान गुरनाम सिंह ने बताया कि पीड़ित कर्म चंद गांव मकरैड़ के पास लगभग 62 बकरियां हैं। एक कमरा रिहायशी और एक पशुशाला का है।
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उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्म सिंह की आर्थिक मदद की जाए। इस संबंध में एसडीएम विशाल शर्मा ने बताया कि मामला ध्यान में आया है। संबंधित पटवारी को नुकसान का आकलन करने के लिए कहा गया है।