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Una News: पीपलू मेले में दिखा भाईचारा, विधायक विवेक के आग्रह पर मंच पर पहुंचे पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर
Wed, 19 Jun 2024 07:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 19 Jun 2024 07:08 AM IST
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पीपलू मेले पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर को सम्मानित करते कांग्रेस विधायक विवेक शर्मा
बंगाणा (ऊना)। मेले हमारी संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक होते हैं। इस वाक्य को कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर पीपलू मेले में सार्थक कर गए। हुआ यूं कि तीन दिवसीय जिला स्तरीय पीपलू मेले के दूसरे दिन प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर नरसिंह नारायण मंदिर पीपलू में माथा टेकने के बाद समर्थकों सहित बंगाणा की तरफ जा रहे थे। मगर सड़क पर जाम होने पर उनकी गाड़ी मंदिर गेट के पास खड़ी थी।
पीपलू मेले के दूसरे दिन मुख्यातिथि चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू को लेकर कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा काफिले में आ रहे थे। उनकी नजर जैसे ही पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर पर पड़ी तो वे काफिले से निकलकर उनकी गाड़ी के पास पहुंच गए। विवेक ने पूर्व मंत्री विरेंद्र कंवर से साथ चलने का आग्रह किया। काफिले में शामिल अन्य नेता भी एक स्वर में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर से चलने का आग्रह करने लगे तो सियासत को छोड़कर उन्होंने आग्रह को स्वीकार किया और साथ चल दिए। पैदल मंच तक पहुंचने पर प्रशासन और विधायक विवेक शर्मा ने पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर को आदर सत्कार किया और सम्मानित किया।
मेले हमारी संस्कृति, राजनीति का कोई मतलब नहीं : विवेक
कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक है। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर से हमने साथ चलने का आग्रह किया और उन्होंने स्वीकार किया। मंच पर कोई राजनैतिक भाषण नहीं हुआ। शर्मा ने कहा कि पूर्व मंत्री विरेंद्र कंवर वरिष्ठ नेता हैं और राजनीति से हटकर उनका मान सम्मान करना हमारा दायित्व भी है। हमने अपनी संस्कृति और संस्कार निभाए है। इसमें राजनीति नहीं की है।
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विधायक और प्रशासन के आग्रह पर गया मंच तक : वीरेंद्र
पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि मैं पीपलू मंदिर में माथा टेकने के बाद गाड़ी से वापस बंगाणा आ रहा था। मगर विधायक विवेक शर्मा द्वारा काफिले सहित मेरे पास आकर बार-बार साथ चलने का आग्रह किया जो मुझे स्वीकार करना पड़ा और मैं उनके साथ मंच तक गया। उन्होंने जो मुझे मान सम्मान दिया है, उनका आभारी हूं। मेले वास्तव में भाईचारे का प्रतीक होते हैं और इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
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पीपलू मेले के दूसरे दिन मुख्यातिथि चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू को लेकर कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा काफिले में आ रहे थे। उनकी नजर जैसे ही पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर पर पड़ी तो वे काफिले से निकलकर उनकी गाड़ी के पास पहुंच गए। विवेक ने पूर्व मंत्री विरेंद्र कंवर से साथ चलने का आग्रह किया। काफिले में शामिल अन्य नेता भी एक स्वर में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर से चलने का आग्रह करने लगे तो सियासत को छोड़कर उन्होंने आग्रह को स्वीकार किया और साथ चल दिए। पैदल मंच तक पहुंचने पर प्रशासन और विधायक विवेक शर्मा ने पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर को आदर सत्कार किया और सम्मानित किया।
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मेले हमारी संस्कृति, राजनीति का कोई मतलब नहीं : विवेक
कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक है। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर से हमने साथ चलने का आग्रह किया और उन्होंने स्वीकार किया। मंच पर कोई राजनैतिक भाषण नहीं हुआ। शर्मा ने कहा कि पूर्व मंत्री विरेंद्र कंवर वरिष्ठ नेता हैं और राजनीति से हटकर उनका मान सम्मान करना हमारा दायित्व भी है। हमने अपनी संस्कृति और संस्कार निभाए है। इसमें राजनीति नहीं की है।
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विधायक और प्रशासन के आग्रह पर गया मंच तक : वीरेंद्र
पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि मैं पीपलू मंदिर में माथा टेकने के बाद गाड़ी से वापस बंगाणा आ रहा था। मगर विधायक विवेक शर्मा द्वारा काफिले सहित मेरे पास आकर बार-बार साथ चलने का आग्रह किया जो मुझे स्वीकार करना पड़ा और मैं उनके साथ मंच तक गया। उन्होंने जो मुझे मान सम्मान दिया है, उनका आभारी हूं। मेले वास्तव में भाईचारे का प्रतीक होते हैं और इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।