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अपनी स्थिति और ऋण-जमा अनुपात को सुधारें बैंक : जतिन
Tue, 25 Jun 2024 03:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 25 Jun 2024 03:02 AM IST
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जिला स्तरीय बैंक सलाहकार एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त जतिन लाल। स्रोत डीपीआर
ऊना। जिला स्तरीय समीक्षा एवं बैंक सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त जतिन लाल ने बैकों को जमा-ऋण अनुपात में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बैंक अपनी स्थिति में सुधार और जमा-ऋण अनुपात में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएं। बैठक में उपायुक्त ने बैठक में वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में बैंकों के लक्ष्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि जिला के बैंकों ने मार्च 2024 तक 2401.56 करोड़ के ऋण के वार्षिक लक्ष्य के बदले 2801.12 करोड़ के ऋण वितरित किए हैं। वहीं, बैंकों की जमा राशि 13874.67 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें 11.47 प्रतिशत की वार्षिक दर से वृद्धि हुई है। ऋण 11.59 प्रतिशत की दर से बढ़कर 4236.65 करोड़ हो गया है। इसके अलावा जिला का ऋण जमा अनुपात वर्ष में 30.54 प्रतिशत हो गया है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य 60 प्रतिशत की अपेक्षा कम है। उन्होंने बैंकों और सरकारी विभागों को ऋण जमा अनुपात सुधारने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बैंक अधिकारियों के हवाले से बताया कि जिला में बैंकों ने 31 मार्च 2024 तक 67,407 कृषि कार्ड किसानों को बांटे हैं। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 1311 कृषि कार्ड रहा है। बैंकों का कृषि ऋण 811.92 करोड़ है, जोकि कुल ऋणों का 19.16 प्रतिशत है। उन्होंने वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत बैंकों की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन प्राथमिक क्षेत्र में इन उपलब्धियों को न काफी करार दिया।
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समीक्षा बैठक में पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक लहरी मल ने कहा कि बैंकों के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए हर तरह की सहायता की जानी चाहिए। मुख्य जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक गुरचरण भट्टी ने बैंकों को वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने का अनुरोध किया।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक सबरीना राजवंशी ने बैठक में शामिल सदस्यों को स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए जेएलजी और नए किसान क्लब बनाने का अनुरोध किया। बैठक में पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक पीयूष कुमार, जिला अग्रणी अधिकारी भारतीय रिजर्व बैंक आशीष सांगडा, आरसेटी निर्देशक पारुल विर्दी, विनय शर्मा उपनिदेशक पशुपालन विभाग, केके भारद्वाज उपनिदेशक बागवानी, डॉ. कुलभूषण धीमान उपनिदेशक कृषि विभाग, विवेक शर्मा मत्स्य विभाग सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि जिला के बैंकों ने मार्च 2024 तक 2401.56 करोड़ के ऋण के वार्षिक लक्ष्य के बदले 2801.12 करोड़ के ऋण वितरित किए हैं। वहीं, बैंकों की जमा राशि 13874.67 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें 11.47 प्रतिशत की वार्षिक दर से वृद्धि हुई है। ऋण 11.59 प्रतिशत की दर से बढ़कर 4236.65 करोड़ हो गया है। इसके अलावा जिला का ऋण जमा अनुपात वर्ष में 30.54 प्रतिशत हो गया है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य 60 प्रतिशत की अपेक्षा कम है। उन्होंने बैंकों और सरकारी विभागों को ऋण जमा अनुपात सुधारने के निर्देश दिए।
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उपायुक्त ने बैंक अधिकारियों के हवाले से बताया कि जिला में बैंकों ने 31 मार्च 2024 तक 67,407 कृषि कार्ड किसानों को बांटे हैं। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 1311 कृषि कार्ड रहा है। बैंकों का कृषि ऋण 811.92 करोड़ है, जोकि कुल ऋणों का 19.16 प्रतिशत है। उन्होंने वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत बैंकों की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन प्राथमिक क्षेत्र में इन उपलब्धियों को न काफी करार दिया।
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समीक्षा बैठक में पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक लहरी मल ने कहा कि बैंकों के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए हर तरह की सहायता की जानी चाहिए। मुख्य जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक गुरचरण भट्टी ने बैंकों को वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने का अनुरोध किया।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक सबरीना राजवंशी ने बैठक में शामिल सदस्यों को स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए जेएलजी और नए किसान क्लब बनाने का अनुरोध किया। बैठक में पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक पीयूष कुमार, जिला अग्रणी अधिकारी भारतीय रिजर्व बैंक आशीष सांगडा, आरसेटी निर्देशक पारुल विर्दी, विनय शर्मा उपनिदेशक पशुपालन विभाग, केके भारद्वाज उपनिदेशक बागवानी, डॉ. कुलभूषण धीमान उपनिदेशक कृषि विभाग, विवेक शर्मा मत्स्य विभाग सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।