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Una News: दिलवां सहकारी सभा में घोटाले के आरोपी उपप्रधान की जमानत याचिका खारिज

Fri, 25 Jul 2025 01:10 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jul 2025 01:10 AM IST
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Bail petition of Deputy Pradhan accused of scam in Dilwan Cooperative Society rejected
अंब थाने में केस दर्ज होने पर हाईकोर्ट में लगाई थी अग्रिम जमानत याचिका
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ऊना जिला की सहकारी समितियों में करोड़ों के घोटालों पर हाईकोर्ट सख्त
दिलवां समिति में लगभग तीन करोड़ का घोटाला उजागर, अन्य समितियों पर भी कार्रवाई की आस

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में सहकारी समितियों में सामने आए करोड़ों के घोटालों ने प्रशासन और न्याय व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत दिलवां की कृषि सहकारी सेवा समिति में लगभग तीन करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आने के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया है। इस मामले में समिति के उपप्रधान और सचिव के खिलाफ 23 जून को थाना अंब में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला तब और गरमा गया जब समाचार पत्र में इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई। इसके बाद आरोपी उपप्रधान ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। न्यायालय के इस सख्त फैसले को जनता ने न्याय प्रणाली में विश्वास बहाल करने वाला सकारात्मक कदम बताया है।
अन्य समितियों की भी जांच शुरू
दिलवां समिति में घोटाले का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की निगाहें अब जिला ऊना की अन्य सहकारी समितियों पर भी टिक गई हैं। सूत्रों के अनुसार, ऊना जिले की 10 सहकारी समितियों में लगभग 48.5 करोड़ रुपये के घोटाले सामने आ चुके हैं। इनमें से कई मामलों की जांच और अदालती कार्यवाही जारी है। हाईकोर्ट की ओर से अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने से अन्य मामलों में भी त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जगी है।
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जनता में आक्रोश और उम्मीद
स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित जमाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत की कमाई इन समितियों में इस भरोसे के साथ जमा की थी कि वक्त पड़ने पर यह उनकी मदद करेगी। लेकिन, भ्रष्टाचार ने न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति पर चोट पहुंचाई, बल्कि उनके भरोसे को भी गहरी ठेस दी है। अब जनता को उम्मीद है कि दोषियों को सज़ा मिलेगी और उनकी जमा पूंजी उन्हें लौटाई जाएगी।
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यूनियन ने दी तीखी प्रतिक्रिया
सहकारी समितियों के यूनियन प्रधान विजय कुमार ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला ऊना की सहकारी समितियों में लगभग 3000 करोड़ रुपये का वार्षिक लेनदेन होता है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों और किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। लेकिन, कुछ भ्रष्ट तत्वों ने इस व्यवस्था को लूट का अड्डा बना दिया है। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को सराहनीय और उदाहरण स्थापित करने वाला बताया।पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने जानकारी दी कि इस मामले में आरोपियों से पूछताछ जारी है। अंब पुलिस की टीम मामले से जुड़ी हर कड़ी को खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
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