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Una News: आयुष विभाग अब स्वास्थ्य केंद्रों में भी शुरू करेगा जोंक थैरेपी से उपचार
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खास खबर
वर्तमान में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में ही मिलती है सुविधा
सुविधा शुरू होने से ग्रामीण स्तर पर भी लोगों को मिलेगा लाभ
आशुतोष डोगरा
ऊना। आयुष विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जोंक थैरेपी के माध्यम से उपचार किया जाएगा। इसे लेकर विभाग की तरफ से चिकित्सकों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। वर्तमान में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में ही इस थैरेपी से उपचार की सुविधा मिल रही है। सुविधाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए विभाग ने अब आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सुविधा को शुरू करने की योजना तैयार की है। इसे लेकर विभाग की तरफ से एक प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। शरीर में गांठ, फोड़ा सहित अन्य समस्याओं के उपचार के लिए जोंक थैरेपी से उपचार किया जाता है। मरीज बिना किसी दर्द से इस थैरेपी को करवा सकता है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में वर्तमान में यह सुविधा मरीजों को मिल रही है। इस सुविधा को ग्रामीण स्तर तक विस्तार देने के लिए आयुष विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। इस प्रस्ताव के तहत विभाग की तरफ से महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से जोंक मंगवाए जाएंगे। इसके बाद पहले आयुष वेलनेस केंद्रों में सुविधा को शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। जिले में वर्तमान में 50 वेलनेस केेंद्र और 19 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा पांच आयुर्वेेदिक अस्पताल भी हैं।
बॉक्स
क्या है जोंक थेरेपी
जोंक थैरेपी खून को साफ करने की एक आयुर्वेदिक विधि है, जो शरीर से गंदे खून को बाहर निकालने में मददगार होती है। इस प्रक्रिया के दौरान जोंक का उपयोग किया जाता है। जोंक अशुद्ध रक्त को चूसते हैं। इसके अलावा जोंक रक्त में कुछ ऐसे एंजाइम छोड़ते हैं जो प्रतिरक्षा बढ़ाने के साथ शरीर की उपचार शक्ति में भी सहायक होते हैं।
कोट्स
जोंक थैरेपी से उपचार की सुविधा आयुष वेलनेस केंद्रों और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में देने की योजना है। इसे लेकर उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में वर्तमान में यह सुविधा मिल रही है।
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डाॅ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ऊना
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वर्तमान में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में ही मिलती है सुविधा
सुविधा शुरू होने से ग्रामीण स्तर पर भी लोगों को मिलेगा लाभ
आशुतोष डोगरा
ऊना। आयुष विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जोंक थैरेपी के माध्यम से उपचार किया जाएगा। इसे लेकर विभाग की तरफ से चिकित्सकों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। वर्तमान में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में ही इस थैरेपी से उपचार की सुविधा मिल रही है। सुविधाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए विभाग ने अब आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सुविधा को शुरू करने की योजना तैयार की है। इसे लेकर विभाग की तरफ से एक प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। शरीर में गांठ, फोड़ा सहित अन्य समस्याओं के उपचार के लिए जोंक थैरेपी से उपचार किया जाता है। मरीज बिना किसी दर्द से इस थैरेपी को करवा सकता है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में वर्तमान में यह सुविधा मरीजों को मिल रही है। इस सुविधा को ग्रामीण स्तर तक विस्तार देने के लिए आयुष विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। इस प्रस्ताव के तहत विभाग की तरफ से महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से जोंक मंगवाए जाएंगे। इसके बाद पहले आयुष वेलनेस केंद्रों में सुविधा को शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। जिले में वर्तमान में 50 वेलनेस केेंद्र और 19 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा पांच आयुर्वेेदिक अस्पताल भी हैं।
बॉक्स
क्या है जोंक थेरेपी
जोंक थैरेपी खून को साफ करने की एक आयुर्वेदिक विधि है, जो शरीर से गंदे खून को बाहर निकालने में मददगार होती है। इस प्रक्रिया के दौरान जोंक का उपयोग किया जाता है। जोंक अशुद्ध रक्त को चूसते हैं। इसके अलावा जोंक रक्त में कुछ ऐसे एंजाइम छोड़ते हैं जो प्रतिरक्षा बढ़ाने के साथ शरीर की उपचार शक्ति में भी सहायक होते हैं।
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कोट्स
जोंक थैरेपी से उपचार की सुविधा आयुष वेलनेस केंद्रों और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में देने की योजना है। इसे लेकर उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में वर्तमान में यह सुविधा मिल रही है।
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डाॅ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ऊना