{"_id":"6a0dffeac8e14f9c020c214f","slug":"ayurvedic-hospital-with-the-help-of-a-lab-assistant-una-news-c-93-1-ssml1047-192358-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: आयुर्वेदिक अस्पताल एक लैब असिस्टेंट के सहारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: आयुर्वेदिक अस्पताल एक लैब असिस्टेंट के सहारे
विज्ञापन
ऊना। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में अव्यवस्थाओं का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है। परिसर में लगाए गए कई कूड़ेदानों के ढक्कन ही गायब हैं। अस्पताल में कई बार अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हो पाया है। ऊपर से गर्मी सिर चढ़ कर अपना कहर बरपा रही है। अस्पताल में गर्मियों के मौसम में सफाई के मामले में बरती जा रही लापरवाही कहीं न कहीं मरीजों पर भारी पड़ सकती है। अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। हालत यह हैं कि पूरा अस्पताल एक लैब असिस्टेंट के सहारे चल रहा है, जिससे मरीजों को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। बुधवार को लैब पर ताला लटका रहने के कारण मरीजों के जरूरी टेस्ट भी नहीं हो सके। इससे दूर-दराज से पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने भी अपने विचार रखे।
आज के दौर में काफी लोग आयुर्वेदिक पद्धतियों से उपचार करवाने के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन जिले का सबसे बड़े अस्पताल में एक ही लैब असिस्टेंट है। अगर इस कर्मचारी को किसी कारणवश अवकाश पर जाना पड़े तो व्यवस्था ठप हो जाती हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है। -इंद्रजीत सिंह, निवासी ऊना
आयुर्वेदिक अस्पताल में स्टाफ की काफी कमी है। यह कमी काफी समय से चली आ रही है। ऐसे में जिला स्तर के इस अस्पताल में कम से कम दो लैब असिस्टेंट होने चाहिए ताकि मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। -नवदीप कश्यप, पूर्व पार्षद
विज्ञापन
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में स्टाफ की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है। बुधवार को लैब असिस्टेंट के अवकाश के चलते लैब बंद रही। इसके चलते मरीजाें के टेस्ट नहीं हो पाए। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। जहां कहीं पर भी कमी होगी, उसे समय रहते दूर कर दिया जाएगा।
-डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ऊना
विज्ञापन
आज के दौर में काफी लोग आयुर्वेदिक पद्धतियों से उपचार करवाने के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन जिले का सबसे बड़े अस्पताल में एक ही लैब असिस्टेंट है। अगर इस कर्मचारी को किसी कारणवश अवकाश पर जाना पड़े तो व्यवस्था ठप हो जाती हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है। -इंद्रजीत सिंह, निवासी ऊना
विज्ञापन
आयुर्वेदिक अस्पताल में स्टाफ की काफी कमी है। यह कमी काफी समय से चली आ रही है। ऐसे में जिला स्तर के इस अस्पताल में कम से कम दो लैब असिस्टेंट होने चाहिए ताकि मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। -नवदीप कश्यप, पूर्व पार्षद
विज्ञापन
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में स्टाफ की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है। बुधवार को लैब असिस्टेंट के अवकाश के चलते लैब बंद रही। इसके चलते मरीजाें के टेस्ट नहीं हो पाए। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। जहां कहीं पर भी कमी होगी, उसे समय रहते दूर कर दिया जाएगा।
-डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ऊना