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Una News: शिक्षिका होने के साथ बुजुर्ग सास को भी संभाल रहीं प्रिया
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दूसरी महिलाओं के लिए पेश कर रही मिसाल
फौज में सेवा कर रहे पति को मानती हैं अपना आदर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। आधुनिक युग की अंधाधुंध दौड़ में समाज में ऐसे व्यक्तित्व अभी मौजूद हैं, जो अपने कर्तव्य के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है गांव भड़ोलिया कलां की प्रिया विशिष्ट, जो घर से आठ किलोमीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला चताड़ा में कार्यरत हैं। व्यस्तता के बीच प्रिया विशिष्ट बच्चों के साथ सास को भी संभाल रही हैं। विद्यालय में प्रिया बच्चों के प्रति समर्पित हैं। वे न केवल पढ़ाई में बच्चों की मदद करती हैं, बल्कि खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उन्हें प्रेरित करती हैं। उनकी समय की पाबंदी और कर्तव्यनिष्ठा अनुकरणीय है। प्रिया विशिष्ट के पति देश की सीमाओं पर तैनात हैं और कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित हैं। घर पर प्रिया दो बच्चों की देखभाल करती हैं, जिनकी उम्र चार और नौ वर्ष है, साथ ही वृद्ध सास की सेवा भी उनका जिम्मा है। सुबह ठंड होने के बावजूद वे जल्दी उठकर घर की सफाई करती हैं, बच्चों को तैयार करती हैं और वृद्ध माता की जरूरतों का ध्यान रखती हैं। माता के बीमार होने पर दवा और देखभाल में उन्हें अपने पति का सहयोग मिलता है।
इतनी चुनौतियों के बीच भी प्रिया वृद्ध सास की सेवा खुशी-खुशी करती हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घर की सभी जरूरतों का ध्यान रखती हैं। सुबह-सवेरे इतने काम करने के बाद वे समय से पहले विद्यालय पहुंच जाती हैं।
प्रिया अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ घर और परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती हैं। प्रिया विशिष्ट महिला शक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका कहना है कि उनके पति की सीमा पर तैनाती और उनका कर्तव्यनिष्ठ व्यवहार ही उन्हें प्रेरित करते हैं। माता की खुशी और सलाह उनके जीवन में मार्गदर्शन का काम करती है। बचपन से ही बड़ों की सेवा और सम्मान करना उनके संस्कारों में शामिल रहा है।
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फौज में सेवा कर रहे पति को मानती हैं अपना आदर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। आधुनिक युग की अंधाधुंध दौड़ में समाज में ऐसे व्यक्तित्व अभी मौजूद हैं, जो अपने कर्तव्य के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है गांव भड़ोलिया कलां की प्रिया विशिष्ट, जो घर से आठ किलोमीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला चताड़ा में कार्यरत हैं। व्यस्तता के बीच प्रिया विशिष्ट बच्चों के साथ सास को भी संभाल रही हैं। विद्यालय में प्रिया बच्चों के प्रति समर्पित हैं। वे न केवल पढ़ाई में बच्चों की मदद करती हैं, बल्कि खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उन्हें प्रेरित करती हैं। उनकी समय की पाबंदी और कर्तव्यनिष्ठा अनुकरणीय है। प्रिया विशिष्ट के पति देश की सीमाओं पर तैनात हैं और कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित हैं। घर पर प्रिया दो बच्चों की देखभाल करती हैं, जिनकी उम्र चार और नौ वर्ष है, साथ ही वृद्ध सास की सेवा भी उनका जिम्मा है। सुबह ठंड होने के बावजूद वे जल्दी उठकर घर की सफाई करती हैं, बच्चों को तैयार करती हैं और वृद्ध माता की जरूरतों का ध्यान रखती हैं। माता के बीमार होने पर दवा और देखभाल में उन्हें अपने पति का सहयोग मिलता है।
इतनी चुनौतियों के बीच भी प्रिया वृद्ध सास की सेवा खुशी-खुशी करती हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घर की सभी जरूरतों का ध्यान रखती हैं। सुबह-सवेरे इतने काम करने के बाद वे समय से पहले विद्यालय पहुंच जाती हैं।
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प्रिया अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ घर और परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती हैं। प्रिया विशिष्ट महिला शक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका कहना है कि उनके पति की सीमा पर तैनाती और उनका कर्तव्यनिष्ठ व्यवहार ही उन्हें प्रेरित करते हैं। माता की खुशी और सलाह उनके जीवन में मार्गदर्शन का काम करती है। बचपन से ही बड़ों की सेवा और सम्मान करना उनके संस्कारों में शामिल रहा है।
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