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सुरक्षा दी होती, तो गायब न होते स्वामी कृष्णानंद
ब्यूरो/अमर उजाला/मैहतपुर
Updated Fri, 17 Jun 2016 11:44 PM IST
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गो सेवा मिशन के प्रमुख स्वामी कृष्णानंद भूरीवाले लापता
- फोटो : अमर उजाला
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अपनी मांगों को लेकर परेशान 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों ने इंटक के बैनर तले उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भेजा है। कर्मियों का आरोप है कि कंपनी ने कर्मचारियों को बेवजह नौकरी से निकाल दिया। टीए, डीए और मेडिकल की नाममात्र सुविधाएं दी जा रही हैं। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, जल्द जीवीकेईएमआरआई कंपनी की सीबीआई जांच करने का आग्रह किया है।
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शुक्रवार को 108 और 102 कर्मियों ने इंटक ऊना के महासचिव शोभित गौतम की अगुवाई में डीसी यूनुस को ज्ञापन दिया। गौतम ने बताया कि जिला ऊना में शुक्रवार जीवीकेईएमआरआई कंपनी 108 और 102 के कर्मचारियों का शोषण कर रही है। 108 यूनियन के प्रधान विजय कुमार ने कहा कि कर्मचारियों से 16 से 48 घंटे काम लिया जा रहा है, जबकि टीए, डीए और मेडिकल की नाममात्र सुविधाएं दी जा रही हैं।
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उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी कंपनी के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे नौकरी से बाहर कर दिया जाता है या फिर उसका तबादला कर दिया जाता है। विजय कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि उपरोक्त कंपनी की सीबीआई द्वारा जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि कंपनी का इकरारनामा रद्द किया जाए। 108 और 102 एंबुलेंस के सभी कर्मचारियों के लिए कोई सरकारी नीति बनाई जाए। इस अवसर पर इंटक के उपाध्यक्ष ईशान ओहरी, यूथ इंटक प्रधान चमन लाल, मुनीष कुमार, कुलविंद्र, धर्मवीर, पंकज, विकास, पवन कुमार और दीपक उपस्थित रहे।
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