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पटवारी-कानूनगो और नायब तहसीलदार का कैडर बदलने से रोष : चौधरी
Sun, 14 Jul 2024 02:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 14 Jul 2024 02:18 AM IST
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नारी (ऊना)। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों के संबंध में भिन्न-भिन्न फैसले लिए गए। राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी-कानूनगो और नायब तहसीलदार कैडर जिला स्तर से राज्य स्तर कर दिया गया है और नायब तहसीलदार का मंडल से स्टेट कैडर कर दिया गया है।
सरकार के फैसले से हिप्र पटवारी-कानूनगो राजस्व विभाग संघ हताश है। संघ के राज्य प्रधान सतीश चौधरी ने बताया कि बिना संघ की सहमति से सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे आने वाले समय में मुकदमेबाजी बढ़ेगी। लोगों की कार्य प्रणाली की गुणवत्ता पर बहुत अधिक गिरावट आएगी। सतीश चौधरी ने बताया कि 17 जुलाई को राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है तथा आगामी फैसला लेने के लिए संघ तैयार है। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों का स्टेट कैडर बनाने से बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें सबसे पहले जब इन लोगों की सिलेक्शन हुई थी, तो आरएंडपी रूल जिला कैडर के अनुसार थे। इससे अब स्टेट कैडर बनने से आरएंडपी रूल का उल्लंघन होगा। जनता के कार्य में बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्हाेंने बताया कि जब सिलेक्शन के समय जिला कैडर के अनुसार ही दिशा निर्देश दिए गए थे, तो क्या अब सारा ढांचा बदला जाएगा। कार्य की कार्यशैली सुधारने की बजाय कार्य में और गिरावट आएगी।
उन्होंने बताया कि कोर्ट केस बढ़ेंगे। जब तक अपने काम का व्यक्ति एक्सपर्ट नहीं हो जाता। तब तक सारे राज्य में भीड़ का माहौल बन जाएगा। बताया कि कानूनगो के बाद नायब तहसीलदार की प्रमोशन होती है, नायब तसीलदार का कैडर मंडल स्तर का है। अब मंडल स्तर से राज्य स्तर का कैडर बनने से उनकी वरिष्ठता सूची बनाने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस प्रकार पटवारी और कानूनगो की वरिष्ठता पहले से ही जिला कैडर की बनी हुई है। अब स्टेट कैडर की वरिष्ठता बनाने से जो लोग दो या तीन साल में प्रमोट होने थे। वह बिना प्रमोशन से ही सेवानिवृत हो जाएंगे, जो कि रीड की हड्डी समझी जाने वाले राजस्व विभाग के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने सरकार से अपील है कि संघ के साथ बैठक करके पटवारी-कानूनगो और नायब तहसीलदार संघ का कैडर यथास्थिति ही रखा जाए।
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सरकार के फैसले से हिप्र पटवारी-कानूनगो राजस्व विभाग संघ हताश है। संघ के राज्य प्रधान सतीश चौधरी ने बताया कि बिना संघ की सहमति से सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे आने वाले समय में मुकदमेबाजी बढ़ेगी। लोगों की कार्य प्रणाली की गुणवत्ता पर बहुत अधिक गिरावट आएगी। सतीश चौधरी ने बताया कि 17 जुलाई को राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है तथा आगामी फैसला लेने के लिए संघ तैयार है। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों का स्टेट कैडर बनाने से बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें सबसे पहले जब इन लोगों की सिलेक्शन हुई थी, तो आरएंडपी रूल जिला कैडर के अनुसार थे। इससे अब स्टेट कैडर बनने से आरएंडपी रूल का उल्लंघन होगा। जनता के कार्य में बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्हाेंने बताया कि जब सिलेक्शन के समय जिला कैडर के अनुसार ही दिशा निर्देश दिए गए थे, तो क्या अब सारा ढांचा बदला जाएगा। कार्य की कार्यशैली सुधारने की बजाय कार्य में और गिरावट आएगी।
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उन्होंने बताया कि कोर्ट केस बढ़ेंगे। जब तक अपने काम का व्यक्ति एक्सपर्ट नहीं हो जाता। तब तक सारे राज्य में भीड़ का माहौल बन जाएगा। बताया कि कानूनगो के बाद नायब तहसीलदार की प्रमोशन होती है, नायब तसीलदार का कैडर मंडल स्तर का है। अब मंडल स्तर से राज्य स्तर का कैडर बनने से उनकी वरिष्ठता सूची बनाने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस प्रकार पटवारी और कानूनगो की वरिष्ठता पहले से ही जिला कैडर की बनी हुई है। अब स्टेट कैडर की वरिष्ठता बनाने से जो लोग दो या तीन साल में प्रमोट होने थे। वह बिना प्रमोशन से ही सेवानिवृत हो जाएंगे, जो कि रीड की हड्डी समझी जाने वाले राजस्व विभाग के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने सरकार से अपील है कि संघ के साथ बैठक करके पटवारी-कानूनगो और नायब तहसीलदार संघ का कैडर यथास्थिति ही रखा जाए।
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