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Una News: एक समान वेतन न मिलने पर शारीरिक शिक्षकों में रोष
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कहा, शिक्षा विभाग वेतन में अपना रहा दोहरे मापदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा विभाग में शारीरिक शिक्षकों का काम एक और पद भी एक होने के बावजूद वेतन एक समान नहीं दिया जा रहा है। इससे शारीरिक शिक्षकों में गहरा रोष है। डीपीई और एमपीएड शारीरिक शिक्षकों को एक ही विभाग में एक समान काम होने के बावजूद वेतन के दोहरे मापदंड से शिक्षकों में रोष है। डीपीई संघ जिला के प्रधान जगजीत सिंह का कहना है कि हिमाचल प्रदेश राज्य शासन की ओर से प्रकाशित राजपत्र हिमाचल प्रदेश नौ अक्तूबर 2020 के अनुसार पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डीपीई के 1530 पद सृजित हैं। इनमें से उच्च शिक्षा निदेशालय के अनुसार 16 अक्तूबर 2020 को 1300 डीपीई हिमाचल प्रदेश की विभिन्न पाठशालाओं में सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश के 1300 डीपीई में से मात्र 486 को पांचवें वेतन आयोग की गणना के अनुसार 5400 रुपये ग्रेड पे दी जा रही थी। जबकि इसी वर्ग की एक बड़ी संख्या 814 डीपीई इससे वंचित थे और उन्हें 5000 रुपये ग्रेड पे दिया जा रहा था। यानी समान पद और समान कार्य के लिए दो तरह का वेतनमान दिया जा रहा है। अब छठे वेतनमान की गणना में इस डीपीई वर्ग को मासिक वेतन में लगभग 1800 से लेकर 2000 रुपये का नुकसान हो रहा है। इसलिए हिमाचल प्रदेश डीपीई संघ ने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि समान कार्य, समान वेतन को आधार मानते हुए न्यायसंगत निर्णय लेकर इस वेतन विसंगति को दूर किया जाए। हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय शिमला की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा के नियम बनाए गए तथा हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय शिमला की अधिसूचना के अनुसार भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में छूट देकर उन डीपीई को भी प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा के पद पर पदोन्नति में छूट दी गई, जो नियमों को पूरा नहीं करते। संघ ने समान काम -समान वेतन को आधार मानते हुए सभी डीपीई को एक समान वेतन देने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा विभाग में शारीरिक शिक्षकों का काम एक और पद भी एक होने के बावजूद वेतन एक समान नहीं दिया जा रहा है। इससे शारीरिक शिक्षकों में गहरा रोष है। डीपीई और एमपीएड शारीरिक शिक्षकों को एक ही विभाग में एक समान काम होने के बावजूद वेतन के दोहरे मापदंड से शिक्षकों में रोष है। डीपीई संघ जिला के प्रधान जगजीत सिंह का कहना है कि हिमाचल प्रदेश राज्य शासन की ओर से प्रकाशित राजपत्र हिमाचल प्रदेश नौ अक्तूबर 2020 के अनुसार पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डीपीई के 1530 पद सृजित हैं। इनमें से उच्च शिक्षा निदेशालय के अनुसार 16 अक्तूबर 2020 को 1300 डीपीई हिमाचल प्रदेश की विभिन्न पाठशालाओं में सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश के 1300 डीपीई में से मात्र 486 को पांचवें वेतन आयोग की गणना के अनुसार 5400 रुपये ग्रेड पे दी जा रही थी। जबकि इसी वर्ग की एक बड़ी संख्या 814 डीपीई इससे वंचित थे और उन्हें 5000 रुपये ग्रेड पे दिया जा रहा था। यानी समान पद और समान कार्य के लिए दो तरह का वेतनमान दिया जा रहा है। अब छठे वेतनमान की गणना में इस डीपीई वर्ग को मासिक वेतन में लगभग 1800 से लेकर 2000 रुपये का नुकसान हो रहा है। इसलिए हिमाचल प्रदेश डीपीई संघ ने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि समान कार्य, समान वेतन को आधार मानते हुए न्यायसंगत निर्णय लेकर इस वेतन विसंगति को दूर किया जाए। हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय शिमला की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा के नियम बनाए गए तथा हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय शिमला की अधिसूचना के अनुसार भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में छूट देकर उन डीपीई को भी प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा के पद पर पदोन्नति में छूट दी गई, जो नियमों को पूरा नहीं करते। संघ ने समान काम -समान वेतन को आधार मानते हुए सभी डीपीई को एक समान वेतन देने की मांग की है।