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Una News: अंबोटा वार्ड बना चुनावी रण का सबसे बड़ा केंद्र

Thu, 07 May 2026 06:17 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 07 May 2026 06:17 AM IST
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Ambota ward became the biggest center of the electoral battle
गगरेट (ऊना)। गगरेट क्षेत्र में जिला परिषद वार्ड की राजनीति अब पूरी तरह गर्मा चुकी है। अंबोटा वार्ड इस बार चुनावी रण का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। भाजपा द्वारा समर्थित उम्मीदवार घोषित करते ही चुनावी बिगुल बज चुका है, वहीं सत्ता में काबिज कांग्रेस की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है।
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अंबोटा वार्ड से रमन ठाकुर की टिकट बदलकर भाजपा ने पवन नंबरदार को मैदान में उतारकर अपनी मंशा साफ कर दी है कि पार्टी इस सीट को किसी भी सूरत में जीतना चाहती है। एक ही दिन में टिकट बदलने के फैसले ने सियासी गलियारों में हलचल और तेज कर दी है। अंबोटा से गुगलैहड़ तक फैले इस वार्ड में हर चौपाल पर अब सिर्फ चुनावी चर्चा ही हो रही है।
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इस चुनाव की सबसे खास बात यह है कि अंबोटा वार्ड में मैदान में उतरे सभी प्रमुख उम्मीदवार स्थानीय गांव से ही हैं। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं, बल्कि एक ही गांव के दिग्गजों के बीच प्रतिष्ठा की सीधी जंग बन गया है।
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भाजपा उम्मीदवार पवन नंबरदार जो पूर्व मंडल अध्यक्ष और कांगड़ा बैंक के निदेशक रह चुके हैं, अपने अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के दम पर मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। वहीं कांग्रेस समर्थित सुरिंद्र सिंह और अश्वनी ठाकुर भी पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं। सुरेंद्र ठाकुर वर्तमान में गगरेट कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष हैं, जिससे मुकाबला और ज्यादा अहम हो गया है।

भाजपा ने सिर्फ अंबोटा ही नहीं बल्कि चलेट वार्ड से आरती देवी और भंजाल वार्ड से गुरमुख को भी चुनावी दंगल में उतार दिया है। यानी तीनों जिला परिषद वार्डों में भाजपा पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है। अब इन तीनों वार्डों में मुकाबला बेहद रोचक होने जा रहा है।

वहीं कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है। सत्ता में होने के बावजूद अगर पार्टी इन सीटों पर कमजोर पड़ती है तो इसका सीधा असर उसकी साख पर पड़ेगा। ऐसे में कांग्रेस भी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।

अब सबसे दिलचस्प पहलू यह रहेगा कि कितने आजाद उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं और किस हद तक चुनावी समीकरणों को प्रभावित करते हैं। अक्सर ऐसे चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार ही जीत-हार का गणित बिगाड़ देते हैं।


कुल मिलाकर गगरेट के तीनों जिला परिषद वार्डों में इस बार सीधी और कड़ी टक्कर के आसार हैं, जहां हर वोट की कीमत होगी और हर चाल राजनीतिक भविष्य तय कर सकती है।
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