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आलू को नुकसान हुआ तो मुआवजा लें किसान
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ऊना। अगर आलू की फसल को नुकसान हुआ है और फसल की इंश्योरेंस करवाई है तो किसान नुकसान के मुआवजे की राशि ले सकते हैं। किसानों को 150 रुपये प्रति कनाल इंश्योरेंस पर 3,000 रुपये की मुआवजा राशि मिलेगी।
इस बार एक से पांच सिंतबर तक जिन किसानों ने आलू की बिजाई की थी, उनमें अधिकांश की फसल गर्मी के कारण खराब हो गई है। इसके बाद कुछ किसानों ने तो ट्रैक्टर चलाकर खेतों में बुआई कर दी। कुछ किसानों की 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हो हुई। अब अधिक बारिश से खेतों में जलभराव के कारण भी किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग इसकी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में सबसे अधिक कृषि करने वाले जिला ऊना में वर्ष में दो बार 2500 हेक्टेयर भूमि में आलू की फसल की पैदावार की जाती है। इसमें से हर वर्ष 30 हजार मीट्रिक टन आलू की पैदावार होती है। जिले में 60 से 65 हजार के करीब परिवार कृषि कारोबार से जुड़े हुए हैं।
51 हजार ने बनवाए हैं किसान कार्ड : कपूर
कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेश कपूर ने बताया कि जिला ऊना में 51 हजार किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाए हैं। क्रेडिट कार्ड धारक किसानों के लोन आदि लेते समय खुद ही बीमा राशि बैंक प्रबंधन काट लेता है। इसके बाद नुकसान होने पर किसानों को 150 रुपये प्रति कनाल की दर से 3000 मुआवजा राशि दी जाती है। फसल का नुकसान होने पर पटवारी, कृषि विभाग व इंश्योरेंस कंपनी की टीम मौके पर निरीक्षण के बाद रिपोर्ट बनाती है।
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इस बार एक से पांच सिंतबर तक जिन किसानों ने आलू की बिजाई की थी, उनमें अधिकांश की फसल गर्मी के कारण खराब हो गई है। इसके बाद कुछ किसानों ने तो ट्रैक्टर चलाकर खेतों में बुआई कर दी। कुछ किसानों की 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हो हुई। अब अधिक बारिश से खेतों में जलभराव के कारण भी किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग इसकी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में सबसे अधिक कृषि करने वाले जिला ऊना में वर्ष में दो बार 2500 हेक्टेयर भूमि में आलू की फसल की पैदावार की जाती है। इसमें से हर वर्ष 30 हजार मीट्रिक टन आलू की पैदावार होती है। जिले में 60 से 65 हजार के करीब परिवार कृषि कारोबार से जुड़े हुए हैं।
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51 हजार ने बनवाए हैं किसान कार्ड : कपूर
कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेश कपूर ने बताया कि जिला ऊना में 51 हजार किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाए हैं। क्रेडिट कार्ड धारक किसानों के लोन आदि लेते समय खुद ही बीमा राशि बैंक प्रबंधन काट लेता है। इसके बाद नुकसान होने पर किसानों को 150 रुपये प्रति कनाल की दर से 3000 मुआवजा राशि दी जाती है। फसल का नुकसान होने पर पटवारी, कृषि विभाग व इंश्योरेंस कंपनी की टीम मौके पर निरीक्षण के बाद रिपोर्ट बनाती है।
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