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Una News: किसानों को गेहूं का दो हजार क्विंटल बीज उपलब्ध करवाएगा कृषि विभाग
Tue, 04 Nov 2025 06:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 04 Nov 2025 06:41 AM IST
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अंब(ऊना)। विकास खंड अंब में किसानों के लिए कृषि विभाग की तरफ से 2000 क्विंटल गेहूं का बीज वितरित किया जाएगा। जिसमें से विभाग की तरफ से दीपावली के बाद दो किस्तों में अभी तक लगभग 260 क्विंटल गेहूं का बीज वितरित किया जा चुका है।
गेहूं के बीज की 40 किलो पैकिंग वाले 560 बैग कृषि विभाग के अंब स्थित स्टोर में आते ही किसानों ने हाथों हाथ उठा लिए। विकास खंड के तहत लगभग 10000 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से लगभग 5000 हेक्टेयर भूमि पर किसान गेहूं की खेती करते हैं। बीते बुधवार को अंब में विभाग की तरफ से 40 किलोग्राम पैकिंग वाले 450 बैग बीज वितरित किया जो कि दोपहर तक खत्म हो गया। टकारला तथा आसपास के किसानों की सुविधा के लिए विभाग की तरफ से वीरवार से शनिवार तक सीड ग्रेडिंग सेंटर टकारला स्थित गोदाम में किसानों को बीज उपलब्ध करवाया जाएगा।
क्षेत्र में भूमि की किस्म को देखते हुए कौन सी किस्म की गेहूं बीजी जानी चाहिए। इसे लेकर ज्यादातर किसान जागरूक नहीं हैं। इसके साथ ही बिजाई के तरीके को लेकर भी किसानों की तरफ से लापरवाही के कारण उन्हें अधिक बीज की आवश्यकता पड़ती है।
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कृषि विभाग विकास खंड अंब के विषयवाद विशेषज्ञ लेखराज संधू ने बताया कि किसान को गेहूं के बीज की वैरायटी की ज्यादा जानकारी नहीं होती है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि गेहूं की फसल की बिजाई कतारबद्ध तरीके से करें। जिससे बीज की लागत कम आएगी और किसानों को इससे बेहतर फसल के साथ साथ बीज की लागत में कमी का फायदा मिलेगा। छिट्टा देकर बिजाई करने में किसानों को अधिक मात्रा में बीज डालना पड़ता है। जिससे बिजाई की लागत बढ़ जाती है। छिट्टा देने से बिजाई के लिए प्रति कनाल पांच से छ: किलो बीज लगता है। जो कि किसान के लिए मंहगा साबित होता है।
गेहूं के अलावा रबी की अन्य फसलों में किसानों की तरफ से बरसीन और जंवी(जौं), प्याज, लहसुन, पालक, मूली और शलगम की मांग रहती है जिसका बीज विभाग की तरफ से किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा।
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गेहूं के बीज की 40 किलो पैकिंग वाले 560 बैग कृषि विभाग के अंब स्थित स्टोर में आते ही किसानों ने हाथों हाथ उठा लिए। विकास खंड के तहत लगभग 10000 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से लगभग 5000 हेक्टेयर भूमि पर किसान गेहूं की खेती करते हैं। बीते बुधवार को अंब में विभाग की तरफ से 40 किलोग्राम पैकिंग वाले 450 बैग बीज वितरित किया जो कि दोपहर तक खत्म हो गया। टकारला तथा आसपास के किसानों की सुविधा के लिए विभाग की तरफ से वीरवार से शनिवार तक सीड ग्रेडिंग सेंटर टकारला स्थित गोदाम में किसानों को बीज उपलब्ध करवाया जाएगा।
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क्षेत्र में भूमि की किस्म को देखते हुए कौन सी किस्म की गेहूं बीजी जानी चाहिए। इसे लेकर ज्यादातर किसान जागरूक नहीं हैं। इसके साथ ही बिजाई के तरीके को लेकर भी किसानों की तरफ से लापरवाही के कारण उन्हें अधिक बीज की आवश्यकता पड़ती है।
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कृषि विभाग विकास खंड अंब के विषयवाद विशेषज्ञ लेखराज संधू ने बताया कि किसान को गेहूं के बीज की वैरायटी की ज्यादा जानकारी नहीं होती है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि गेहूं की फसल की बिजाई कतारबद्ध तरीके से करें। जिससे बीज की लागत कम आएगी और किसानों को इससे बेहतर फसल के साथ साथ बीज की लागत में कमी का फायदा मिलेगा। छिट्टा देकर बिजाई करने में किसानों को अधिक मात्रा में बीज डालना पड़ता है। जिससे बिजाई की लागत बढ़ जाती है। छिट्टा देने से बिजाई के लिए प्रति कनाल पांच से छ: किलो बीज लगता है। जो कि किसान के लिए मंहगा साबित होता है।
गेहूं के अलावा रबी की अन्य फसलों में किसानों की तरफ से बरसीन और जंवी(जौं), प्याज, लहसुन, पालक, मूली और शलगम की मांग रहती है जिसका बीज विभाग की तरफ से किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा।