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Una News: दोपहर का पारा 30 डिग्री पार, फसल को सिंचाई की दरकार

Thu, 30 Jan 2025 05:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jan 2025 05:47 PM IST
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Afternoon temperature crosses 30 degrees, crop needs irrigation
जिला में बड़े स्तर पर लगाई गई है आलू और गेहूं की फसल
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सिंचित इलाकों में फसलों की सिंचाई में जुटे किसान

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में जनवरी में ही दोपहर का पारा 30 डिग्री से पार होने लगा है। तेज धूप के बाद फसलों को सिंचाई की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में किसान फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। अधिक जमीन वाले किसानों ने मजदूरों को भी सिंचाई कार्यों में लगाया हुआ है। विशेषकर आलू की फसल के लिए सिंचाई वर्तमान में बेहद जरूरी है। सिंचाई में कुछ दिन की देरी सीधा पैदावार को प्रभावित करेगी।
जिले में वर्तमान में दो फसलें आलू और गेहूं तैयार हो रही हैं। इसके अलावा कई किसान मटर और गोभी की फसल भी तैयार कर रहे हैं। इन फसलों में केवल गेहूं ऐसी फसल है, जो सिंचित के साथ गैर सिंचित इलाकों में भी बड़े स्तर पर तैयार होती है। बारिश की आवश्यकता के बीच बीते दो दिन से छा रहे बादलों के चलते किसानों को बारिश की आस जगी लेकिन वीरवार देर शाम तक बारिश की एक बूंद तक न बरसी।
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जिला में बीते दिनों अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर के समय पड़ रही तेज धूप से जमीन की ऊपरी सतह बिल्कुल सूख चुकी है। ऐसे में सिंचित इलाकों में किसान समय रहते सिंचाई करना चाहते हैं, ताकि फसलें प्रभावित न हों। लेकिन गैर सिंचित इलाकों में अगर कुछ दिन बारिश नहीं होती, तो वहां की फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
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क्या कहना है किसानों का
किसान राजेश कुमार, रविंद्र सिंह, अश्वनी कुमार, विनोद कुमार, तरसेम लाल ने बताया कि आलू की फसल की गुड़ाई प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। सिंचाई के कुछ दिन बाद गुड़ाई करना सबसे बेहतर माना जाता है। वर्तमान में सिंचाई कर एक सप्ताह के भीतर गुड़ाई प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। गुड़ाई के दौरान खाद का छिड़काव भी किया जाता। इससे फसल की पैदावार बेहद अच्छी होती है।

कोट्स
कृषि विभाग उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की फसल को कुछ दिन बाद सिंचाई की जरूरत नियमित तौर पर रहती है। जबकि गेहूं को अभी पानी की इतनी आवश्यकता नहीं। कहा कि आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण हैं। अगर बारिश होती है तो निश्चित तौर पर फसलें तेजी से वृद्धि करेंगी और पैदावार भी बेहतर होगी।
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