फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Afternoon mercury crosses 30 degrees, farmers busy irrigating crops

Una News: दोपहर का पारा 30 डिग्री पार, फसलों को सिंचाई में जुटे किसान

Sun, 02 Feb 2025 05:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2025 05:46 PM IST
विज्ञापन
Afternoon mercury crosses 30 degrees, farmers busy irrigating crops
जिला में बड़े स्तर पर लगाई गई है आलू और गेहूं की फसल
विज्ञापन




सिंचित इलाकों में फसलों की सिंचाई में जुटे किसान

संवाद न्यूज एजेंसी



ऊना। जिले में जनवरी में ही दोपहर का पारा 30 डिग्री से पार होने लगा है। तेज धूप के बाद फसलों को सिंचाई की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में किसान फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। अधिक जमीन वाले किसानों ने मजदूरों को भी सिंचाई कार्यों में लगाया हुआ है। विशेषकर आलू की फसल के लिए सिंचाई वर्तमान में बेहद जरूरी है। सिंचाई में कुछ दिन की देरी सीधा पैदावार को प्रभावित करेगी।

जिले में वर्तमान में दो फसलें आलू और गेहूं तैयार हो रही हैं। इसके अलावा कई किसान मटर और गोभी की फसल भी तैयार कर रहे हैं। इन फसलों में केवल गेहूं ऐसी फसल है, जो सिंचित के साथ गैर सिंचित इलाकों में भी बड़े स्तर पर तैयार होती है। बारिश की आवश्यकता के बीच बीते दो दिन से छा रहे बादलों के चलते किसानों को बारिश की आस जगी लेकिन वीरवार देर शाम तक बारिश की एक बूंद तक न बरसी।
विज्ञापन


जिला में बीते दिनों अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर के समय पड़ रही तेज धूप से जमीन की ऊपरी सतह बिल्कुल सूख चुकी है। ऐसे में सिंचित इलाकों में किसान समय रहते सिंचाई करना चाहते हैं, ताकि फसलें प्रभावित न हों। लेकिन गैर सिंचित इलाकों में अगर कुछ दिन बारिश नहीं होती, तो वहां की फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



क्या कहना है किसानों का



किसान राजेश कुमार, रविंद्र सिंह, अश्वनी कुमार, विनोद कुमार, तरसेम लाल ने बताया कि आलू की फसल की गुड़ाई प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। सिंचाई के कुछ दिन बाद गुड़ाई करना सबसे बेहतर माना जाता है। वर्तमान में सिंचाई कर एक सप्ताह के भीतर गुड़ाई प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। गुड़ाई के दौरान खाद का छिड़काव भी किया जाता। इससे फसल की पैदावार बेहद अच्छी होती है।




कोट्स



कृषि विभाग उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की फसल को कुछ दिन बाद सिंचाई की जरूरत नियमित तौर पर रहती है। जबकि गेहूं को अभी पानी की इतनी आवश्यकता नहीं। कहा कि आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण हैं। अगर बारिश होती है तो निश्चित तौर पर फसलें तेजी से वृद्धि करेंगी और पैदावार भी बेहतर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed