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Una News: फीस वृद्धि के खिलाफ एबीवीपी की 14 दिन की भूख हड़ताल खत्म
Thu, 27 Aug 2026 12:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:21 AM IST
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ऊना। राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में फीस वृद्धि के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से पिछले 14 दिनों से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी राणा ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त करवाई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पटाखे छोड़कर अपनी जीत का जश्न भी मनाया।
फीस वृद्धि को लेकर कॉलेज प्रशासन और विद्यार्थी परिषद के बीच चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को हुई बैठक में फीस में 20 प्रतिशत कटौती का निर्णय हुआ। हालांकि, एबीवीपी का कहना है कि परिषद करीब 50 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने की मांग कर रही थी। कॉलेज प्रशासन ने वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए पूरी वृद्धि वापस लेने के बजाय 20 प्रतिशत कटौती का फैसला लिया। परिषद ने इसे अपने आंदोलन की आंशिक सफलता बताया लेकिन पूरी तरह संतुष्ट नहीं होने की बात कही।
एबीवीपी ऊना कॉलेज इकाई अध्यक्ष सूरज शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने 14 दिनों तक क्रमिक भूख हड़ताल की। लगातार किए आंदोलन के बाद कॉलेज प्रशासन को फीस में 20 प्रतिशत कटौती का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने इसे विद्यार्थी परिषद के संघर्ष और छात्र शक्ति की जीत बताया। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष ने प्रिंसिपल की शिकायत पर कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के हित में आवाज उठाने पर कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
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वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी राणा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्र हित से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही है। फीस वृद्धि के खिलाफ विद्यार्थियों और छात्र संगठन की ओर से किए गए विरोध का परिणाम सामने आया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना जरूरी है।
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फीस वृद्धि को लेकर कॉलेज प्रशासन और विद्यार्थी परिषद के बीच चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को हुई बैठक में फीस में 20 प्रतिशत कटौती का निर्णय हुआ। हालांकि, एबीवीपी का कहना है कि परिषद करीब 50 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने की मांग कर रही थी। कॉलेज प्रशासन ने वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए पूरी वृद्धि वापस लेने के बजाय 20 प्रतिशत कटौती का फैसला लिया। परिषद ने इसे अपने आंदोलन की आंशिक सफलता बताया लेकिन पूरी तरह संतुष्ट नहीं होने की बात कही।
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एबीवीपी ऊना कॉलेज इकाई अध्यक्ष सूरज शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने 14 दिनों तक क्रमिक भूख हड़ताल की। लगातार किए आंदोलन के बाद कॉलेज प्रशासन को फीस में 20 प्रतिशत कटौती का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने इसे विद्यार्थी परिषद के संघर्ष और छात्र शक्ति की जीत बताया। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष ने प्रिंसिपल की शिकायत पर कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के हित में आवाज उठाने पर कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
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वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी राणा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्र हित से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही है। फीस वृद्धि के खिलाफ विद्यार्थियों और छात्र संगठन की ओर से किए गए विरोध का परिणाम सामने आया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना जरूरी है।