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Una News: पर्ची काउंटर पर नजर आए इक्का-दुक्का मरीज
Wed, 22 Oct 2025 12:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 22 Oct 2025 12:01 AM IST
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मातृ शिशु अस्पताल में बंद पड़ी गायनी ओपीडी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्थान : क्षेत्रीय अस्पताल ऊना। समय : सुबह 11:30 बजे।
क्षेत्रीय अस्पताल में मंगलवार को कम मरीज देखने को मिले। अमूमन साधारण दिनों में सुबह से ही मरीजों की कतारें ओपीडी में लगना शुरू हो जाती हैं लेकिन मंगलवार को ऐसे हालात नहीं रहे। क्षेत्रीय अस्पताल के मुख्य द्वार से इक्का-दुक्का लोगों का आना जारी है।
धरातल तल पर स्थापित मेडिसिन व सर्जिकल ओपीडी में चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं लेकिन मरीजों की संख्या अधिक न होने के चलते भीड़ नहीं है। धरातल तल पर ही मौजूद आपातकाल वार्ड में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
अस्पताल में दाखिल मरीजों से मिलने के लिए परिजन भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। कुछ दिन पहले ही कुछ स्वास्थ्य सुविधाओं को क्षेत्रीय अस्पताल से मातृ-शिशु अस्पताल में शिफ्ट किया गया है लेकिन मंगलवार को गायनी ओपीडी में ताला लटका मिला।
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इसके अलावा ओपीडी के बाहर बने वेटिंग एरिया में भी कोई मरीज नजर नहीं आया जबकि मातृ-शिशु अस्पताल में ही स्थित क्रस्ना लैब खुली रही, जहां चार से पांच मरीज टेस्ट करवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
क्षेत्रीय अस्पताल के पर्ची काउंटर पर पर्ची बनाने के लिए कर्मचारी तो मौजूद रहे लेकिन इक्का-दुक्का मरीज ही काउंटर के बाहर नजर आए।
वहीं व्यवस्थाओं को बनाने के लिए निजी कंपनी की तरफ से तैनात किए गए सुरक्षा कर्मी भी अपनी ड्यूटी करते नजर आए। वहीं अस्पताल के धरातल तल पर स्थित लंगर हॉल में दोपहर के समय गुरु का लंगर सेवा ट्रस्ट की तरफ से जरूरतमंदों के लिए लगने वाले लंगर के लिए ट्रस्ट के सदस्य व्यवस्थाएं बनाते नजर आए।
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ऊना। स्थान : क्षेत्रीय अस्पताल ऊना। समय : सुबह 11:30 बजे।
क्षेत्रीय अस्पताल में मंगलवार को कम मरीज देखने को मिले। अमूमन साधारण दिनों में सुबह से ही मरीजों की कतारें ओपीडी में लगना शुरू हो जाती हैं लेकिन मंगलवार को ऐसे हालात नहीं रहे। क्षेत्रीय अस्पताल के मुख्य द्वार से इक्का-दुक्का लोगों का आना जारी है।
धरातल तल पर स्थापित मेडिसिन व सर्जिकल ओपीडी में चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं लेकिन मरीजों की संख्या अधिक न होने के चलते भीड़ नहीं है। धरातल तल पर ही मौजूद आपातकाल वार्ड में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
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अस्पताल में दाखिल मरीजों से मिलने के लिए परिजन भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। कुछ दिन पहले ही कुछ स्वास्थ्य सुविधाओं को क्षेत्रीय अस्पताल से मातृ-शिशु अस्पताल में शिफ्ट किया गया है लेकिन मंगलवार को गायनी ओपीडी में ताला लटका मिला।
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इसके अलावा ओपीडी के बाहर बने वेटिंग एरिया में भी कोई मरीज नजर नहीं आया जबकि मातृ-शिशु अस्पताल में ही स्थित क्रस्ना लैब खुली रही, जहां चार से पांच मरीज टेस्ट करवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
क्षेत्रीय अस्पताल के पर्ची काउंटर पर पर्ची बनाने के लिए कर्मचारी तो मौजूद रहे लेकिन इक्का-दुक्का मरीज ही काउंटर के बाहर नजर आए।
वहीं व्यवस्थाओं को बनाने के लिए निजी कंपनी की तरफ से तैनात किए गए सुरक्षा कर्मी भी अपनी ड्यूटी करते नजर आए। वहीं अस्पताल के धरातल तल पर स्थित लंगर हॉल में दोपहर के समय गुरु का लंगर सेवा ट्रस्ट की तरफ से जरूरतमंदों के लिए लगने वाले लंगर के लिए ट्रस्ट के सदस्य व्यवस्थाएं बनाते नजर आए।